जालंधर : राजाोली इलाके में एक पेट्रोल पंप पर हाल ही में हुई घटना सुर्खियों में है. एक महिला ने अपनी डीजल कार में कर्मचारी द्वारा गलती से पेट्रोल डाल दिए जाने पर बवाल काट दिया।
बात इतनी बढ़ी कि मारपीट तक की खबर है. ऐसी गलतियां पेट्रोल पंप पर आम हैं, लेकिन कुछ जरूरी टिप्स अपनाकर हम अपनी गाढ़ी कमाई के साथ-साथ गाड़ी के इंजन को सेफ रख सकते हैं।
डीजल कार में अगर गलती से पेट्रोल डाल दिया जाए, तो यह बहुत गंभीर समस्या बन सकती है. पेट्रोल और डीजल इंजन अलग-अलग तरीके से काम करते हैं. डीजल इंजन कंप्रेशन से फ्यूल जलाता है, जबकि पेट्रोल पतला होता है और स्पार्क से जलता है. अगर पेट्रोल टैंक में चला जाए और आप कार स्टार्ट कर लें, तो ये पूरे फ्यूल सिस्टम में फैल सकता है. अगर कभी गलती से आपकी डीजल कार में पेट्रोल या फिर पेट्रोल कार में डीजल चला जाता है, तो उस समय नीचे बताए गए टिप्स आपके काम आएंगे।
1. तुरंत गाड़ी स्टार्ट न करें
सबसे जरूरी कदम यही है. अगर इंजन स्टार्ट किया, तो पेट्रोल पूरे फ्यूल सिस्टम (पंप, इंजेक्टर, लाइन्स) में फैल जाएगा और बड़ा डैमेज हो सकता है. इग्निशन ऑन भी न करें. ऐसे में गाड़ी को वहीं का वही रोकना ही बेहतर है।
2. गाड़ी को सुरक्षित जगह ले जाएं
अगर पंप पर ही पता चला तो गाड़ी को न्यूट्रल में डालकर धक्का देकर साइड में लगाएं. अगर चल रही थी तो तुरंत बंद करके साइड में ले जाएं.आपको कैसे भी करके बदले हुए फ्यूल को इंजनन तक जाने से रोकना है।
3. प्रोफेशनल की मदद ले
आपका काम बस गाड़ी को बंद करके सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर देना है. खुद कुछ न करें, रोडसाइड असिस्टेंस या टोइंग सर्विस से गाड़ी को सर्विस सेंटर पहुंचाएं, जहां एक्सपर्ट फ्यूल सिस्टम चेक करेंगे।
4. फ्यूल टैंक पूरी तरह खाली कराएं
मैकेनिक टैंक, फ्यूल लाइन्स, फिल्टर को ड्रेन करेंगे. पेट्रोल निकालेंगे और सिस्टम को डीजल से फ्लश (सफाई) करेंगे ताकि कोई कंटेमिनेशन न रहे. ये प्रोसेस सबसे जरूरी और उपयोगी है।
5. जरूरी पार्ट्स चेक करें
सफाई होने के बाद पूरे इंजन और फ्यूल सिस्टम को चेक करें. फ्यूल फिल्टर, फ्यूल पंप या इंजेक्टर चेक/रिप्लेस करना जरूरी है. सब ठीक होने के बाद ही नया डीजल भरवाकर गाड़ी स्टार्ट करें और टेस्ट ड्राइव लें. इन स्टेप्स को फॉलो करने से ज्यादातर मामलों में बड़ा नुकसान बच जाता है. घबराएं नहीं, बस जल्दी एक्शन लेने नुकसान कम से कम हो होता है।
