लेह (25 सितंबर) : लेह में Gen-Z ने कल बुधवार को केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. छात्रों ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान, छात्रों ने सीआरपीएफ (CRPF) के एक वाहन में आग लगा दी और पुलिस के साथ झड़प की. वांगचुक कई महीनों से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
पूर्ण राज्य की दर्जा देने की मांग
दरअसल सामाजिक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक लद्दाख में कई दिनों से अनशन पर बैठे थे. वे लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने और पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं. लेह में छात्रों ने बुधवार (24 September) को वांगचुक के समर्थन में विरोध प्रदर्शन शुरू किया. छात्रों का विरोध प्रदर्शन इतना हिंसक था कि उनकी पुलिस से झड़प हो गई. पुलिस ने मामले को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन विरोध प्रदर्शन ज्यादा भड़क गया।
भूख हड़ताल पर भी बैठे : सोनम वांगचुक के अगुवाई में लद्दाख एपेक्स बॉडी छठी अनुसूची में शामिल करने और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रही है । वांगचुक भी कई दिनों तक भूख हड़ताल भी की. उन्होंने पहले नई दिल्ली तक एक लंबे मार्च का नेतृत्व किया और फिर भूख हड़ताल पर बैठ गए. अब Gen-Z उनके समर्थन में सड़कों पर उतर आया है।
370 हटने के बाद 2 हिस्सें में बंट गया था : गौरतलब है कि 5 अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू कश्मीर को दो हिस्सों में बांट दिया गया था। जम्मू-कश्मीर एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बना. जबकि लेह और कारगिल को मिलाकर लद्दाख एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बन गया था. इसी लद्दाख लेकर पूर्ण दर्जे की मांग हो रही है।
30 से अधिक जवान घायल… शाम 4 बजे तक स्थिति काबू में आ गई: गृह मंत्रालय
गृह मंत्रालय ने कहा, 24 सितंबर को सुबह लगभग 11.30 बजे उनके भड़काऊ भाषणों से उकसाई गई भीड़ भूख हड़ताल स्थल से निकली और एक राजनीतिक दल के कार्यालय के साथ-साथ लेह के सीईसी के सरकारी कार्यालय पर हमला किया। उन्होंने इन कार्यालयों में आग लगा दी, सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया और पुलिस वाहन को आग लगा दी। बेकाबू भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया, जिसमें 30 से अधिक पुलिस/सीआरपीएफ कर्मी घायल हो गए। भीड़ ने सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करना और पुलिसकर्मियों पर हमला करना जारी रखा। आत्मरक्षा में, पुलिस को गोलीबारी करनी पड़ी, जिसमें दुर्भाग्य से कुछ लोगों के हताहत होने की खबर है। सुबह-सुबह हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को छोड़कर, शाम 4 बजे तक स्थिति नियंत्रण में आ गई।
गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि सोनम वांगचुक द्वारा 10 सितंबर 2025 को छठी अनुसूची और लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की गई थी। भारत सरकार इन्हीं मुद्दों पर एपेक्स बॉडी लेह और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रही है। उच्चाधिकार प्राप्त समिति और उप-समितियों के औपचारिक माध्यम से और नेताओं के साथ कई अनौपचारिक बैठकों के माध्यम से उनके साथ कई बैठकें हुईं।
बातचीत की प्रक्रिया ने लद्दाख की अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण को 45% से बढ़ाकर 84% करने, परिषदों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण प्रदान करने और भोटी व पुर्गी को आधिकारिक भाषा घोषित करने जैसे अभूतपूर्व परिणाम दिए हैं। इसके साथ ही, 1800 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू की गई। हालांकि, कुछ राजनीतिक रूप से प्रेरित लोग उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) के तहत हुई प्रगति से खुश नहीं थे और संवाद प्रक्रिया को विफल करने की कोशिश कर रहे थे। उच्चाधिकार प्राप्त समिति की अगली बैठक 6 अक्तूबर को निर्धारित की गई है, जबकि लद्दाख के नेताओं के साथ 25 और 26 सितंबर को भी बैठकें आयोजित करने की योजना है।
