लव मैरिज बैन : बिना परिवार की रजामंदी के पंजाब के इस गांव में लव मैरिज बैन

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मोहाली : मोहाली जिले में स्थित माणकपुर शरीफ गांव में पंचायत द्वारा लिए गए एक फैसले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. पटियाला से कांग्रेस सांसद डॉ. धरमवीर गांधी ने इस फैसले को तालिबानी फरमान बताया है?

माणकपुर शरीफ गांव में ग्राम पंचायत ने एक प्रस्ताव पास करके लव मैरिज पर पाबंदी लगा दी है. पंचायत का कहना है कि दोनों परिवार के रजामंदी से ही लव मैरिज किया जा सकता है. इस प्रस्ताव को गांव की पंचायत ने सर्वसम्मति से लिया है. ये गांव राजधानी चंडीगढ़ से महज़ 10 किलोमिटर दूर स्थित है।

पंचायत ने ये साफ़ कहा है कि बिना रजामंदी के अगर कोई शादी करता है तो उसे गांव या उसके आस-पास के इलाकों में रहने नहीं दिया जाएगा. इतना ही नहीं, अगर कोई विवाहित जोड़े को शरण देते है या समर्थन करता है तो उसके ख़िलाफ़ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गांव के सरपंच दलवीर सिंह ने लव मैरिज पर प्रतिबंध लगाने के पीछे संस्कारों और परंपराओं को बचाने की दलील दी है. उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते गांव में एक 26 वर्षीय युवक, देविंदर ने अपनी 24 वर्षीय भतीजी बेबी से शादी कर ली थी. इस घटना के बाद यह फैसला लिया गया।

उन्होंने कहा कि हम लव मैरिज या क़ानून के ख़िलाफ़ नहीं हैं, लेकिन अपनी पंचायत क्षेत्र में इसे मंजूरी नहीं दे सकते।

सांसद ने किया विरोध, पंचायत के फैसले को बताया ‘तालिबानी’

कांग्रेस के पटियाला से सांसद डॉ. धरमवीर सिंह ने इस प्रस्ताव की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘तालिबानी फरमान’ बताया है. उन्होंने कहा कि हर बालिग के पास अपना जीवनसाथी चुनने के अधिकार है. उसके अधिकार को छीना नहीं जा सकता है. सरकार को ऐसे लोगों की रक्षा करनी चाहिए।

कुछ स्थानीय युवाओं और गांववालों ने नाम न छापने के शर्त पर इस प्रस्ताव को सही ठहराते हुए कहा है कि हम अपने सरपंच के साथ हैं. इस प्रस्ताव से हम अपनी परंपराएं और संस्कृति को बचाएंगे. दुनिया भले ही आधुनिक हो जाए, हमें अपनी जड़ें नहीं भूलनी चाहिए।

प्रशासन ने क्या कहा?

मोहाली की एडीसी (ग्रामीण) सोनम चौधरी ने कहा है कि इस मामले को लेकर उन्हें औपचारिक रूप से कोई शिकायत नहीं मिली है. अगर कोई बालिग़ है और शादी करना चाहते हैं तो बिल्कुल कर सकते हैं. अगर हमें भविष्य कोई शिकायत मिलती है तो हम क़ानून के अनुसार कार्रवाई करेंगे।

महिला आयोग ने क्या कहा?

पंजाब महिला आयोग की अध्यक्ष राज लल्ली गिल ने कहा कि ये फैसला असंवैधानिक है. ऐसी पंचायत का कोई मतलब नहीं. अगर हमें कोई शिकायत मिलेगी तो हम जांच करेंगे।

 

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