लोकसभा में मनीष तिवारी ने चंडीगढ़ में एमएसएमई फ्रेमवर्क लागू करने को लेकर उठाए सवाल

by

नई दिल्ली/चंडीगढ़, 24 मार्च: चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में चंडीगढ़ में एमएसएमई फ्रेमवर्क को लागू करने से जुड़े मुद्दे को उठाया है। इस संबंध में अनस्टार्ड प्रश्न संख्या 4490 के माध्यम से तिवारी ने पूछा है कि क्या सरकार ने यह जांच की है कि माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज डेवलपमेंट एक्ट, 2006 के प्रावधानों को चंडीगढ़ में क्यों नहीं अपनाया गया, जबकि यह पड़ोसी राज्यों में लागू है, और चंडीगढ़ में इसे लागू करने की समय-सीमा क्या है।

तिवारी ने यह भी पूछा कि क्या चंडीगढ़ में एक औपचारिक एमएसएमई फ्रेमवर्क की अनुपस्थिति के कारण उद्योगों को देरी से भुगतान से सुरक्षा, सेवा क्षेत्र की इकाइयों को औपचारिक मान्यता और संस्थागत सहायता जैसे लाभों तक पहुंच प्रभावित हुई है। उन्होंने इस संबंध में विस्तृत जानकारी भी मांगी। सांसद ने यह भी जानना चाहा कि क्या चंडीगढ़ यूटी प्रशासन एक अलग एमएसएमई नीति तैयार कर उसे अधिसूचित करने की प्रक्रिया में है और उसकी प्रमुख विशेषताएं क्या होंगी।

तिवारी ने यह भी पूछा कि क्या उद्योग संगठनों ने पड़ोसी राज्यों के मुकाबले एमएसएमई सुविधाओं में असमानता को लेकर कोई प्रतिनिधित्व दिया है और उन पर क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि चंडीगढ़ के औद्योगिक वातावरण को राष्ट्रीय एमएसएमई नीतियों के अनुरूप बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ाया जा सके और निवेश आकर्षित किया जा सके।

तिवारी के सवालों के जवाब में, एमएसएमई मंत्रालय की राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज डेवलपमेंट एक्ट, 2006 चंडीगढ़ सहित पूरे देश में लागू है और यूटी में मौजूद उद्यम उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल के माध्यम से इसके लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस समय चंडीगढ़ में 89,119 एमएसएमई पंजीकृत हैं, जिनमें से 37,035 सेवा क्षेत्र से संबंधित हैं।

करंदलाजे ने यह भी कहा कि अधिनियम के कुछ प्रावधानों के लिए राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों को संस्थागत व्यवस्थाएं करनी होती हैं, जिसमें देरी से भुगतान के मामलों के निपटारे के लिए माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज फैसिलिटेशन काउंसिल की स्थापना भी शामिल है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चंडीगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों में एमएसएमई सुविधाओं को लेकर उद्योग संगठनों और अन्य हितधारकों से समय-समय पर प्रतिनिधित्व प्राप्त होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिनिधित्वों को संबंधित राज्य सरकारों या यूटी प्रशासन के पास उचित विचार और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा जाता है।

चंडीगढ़ के लिए अलग एमएसएमई नीति के संबंध में मंत्री ने कहा कि यह विषय यूटी प्रशासन और गृह मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने यह भी बताया कि उद्योग संगठनों ने पड़ोसी राज्यों के साथ समानता को लेकर चिंता व्यक्त की है और इन प्रतिनिधित्वों को संबंधित अधिकारियों के साथ उठाया जाता है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि राष्ट्रीय एमएसएमई नीतियों के अनुरूप उद्यम पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया जा सके और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, शिकायत निवारण तथा निवेश और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जा सके।

करंदलाजे ने कहा कि एमएसएमई मंत्रालय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, चंडीगढ़ सहित, के साथ हितधारक परामर्श और सलाहकारी संवाद के माध्यम से लगातार जुड़ा हुआ है, ताकि एमएसएमई डेवलपमेंट एक्ट, 2006 और राष्ट्रीय नीति पहलों के अनुरूप औद्योगिक प्रणाली को सुदृढ़ किया जा सके।

तिवारी ने कहा कि यदि संसद द्वारा पारित और भारत सरकार की गजट अधिसूचना के माध्यम से लागू किए गए एमएसएमई अधिनियम को चंडीगढ़ में पूरी तरह लागू कर दिया जाए और इसमें सूचीबद्ध सभी व्यवसायों को चंडीगढ़ में कार्य करने की अनुमति दी जाए, तो चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र की अधिकांश समस्याएं एक ही झटके में हल हो सकती हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि एक केंद्रीय कानून को केंद्र सरकार के कुछ कार्यकारी आदेशों का बंधक कैसे बनाया जा सकता है? उन्होंने कहा कि कुछ “विशेष हितों” को लाभ पहुंचाने के लिए अपनाई जा रही यह चयनात्मक नीति चंडीगढ़ के एमएसएमई क्षेत्र के हितों के खिलाफ है, जो शहर में सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

चौथे दिन का शुभारंभ गतका खेल से हुआ : खेल एवं युवक विभाग के सचिव ने स्टेडियम का किया निरीक्षण

होशियारपुर, 19 सितंबर:   पंजाब सरकार के खेल विभाग की ओर से आयोजित “खेडां वतन पंजाब दियां-2024” के अंतर्गत जिला स्तरीय खेलों के चौथे दिन का शुभारंभ आज आउटडोर स्टेडिय होशियारपुर में गतका खेल से किया...
article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

पंजाब सरकार बेअदबी कानून पर आपत्तियों का एक महीने के भीतर समाधान करे : अकाल तख्त

अमृतसर : आकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सोमवार को पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि वह बेअदबी कानून पर अकाल तख्त की आपत्तियों का एक महीने के भीतर समाधान करे।...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

19 अप्रैल से एक जून तक सात चरणों में होंगे लोकसभा चुनाव : चार जून को नतीजे

नई दिल्ली, 16 मार्च । चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा कर दी। लोकसभा की 543 सीटों के लिए चुनाव 19 अप्रैल से एक जून के बीच सात चरणों में होंगे। मतगणना...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

आईटीआई पास युवाओं को सेना में टैकनीकल पोस्ट में किया जाएगा भर्ती : हिम गौरव आईटीआई सन्तोषगढ़ में एक जागरूकता कैम्प

ऊना :देश में आईआईटी, ट्रिपल आईटी इंजीनीयरों के अलावा देश में आज आईटीआई कारीगरों की मांग वढ़ती नजर आ रही है । इसलिए मोदी सरकार का लक्ष्य गांव गांव में आईटीआई खोल कर हर...
Translate »
error: Content is protected !!