शिक्षा मंत्री ने ज्ञान साझाकरण कार्यशाला का किया शुभारंभ : शिक्षा प्रणाली को अद्यतन व बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है समग्र शिक्षा अभियान

by

शिमला 20 जून – शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज शिमला में समग्र शिक्षा कार्यालय द्वारा 19 से 24 जून 2023 तक आयोजित किए जा रहे ज्ञान साझाकरण कार्यशाला का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से कार्यशाला में उपस्थित अरुणाचल प्रदेश, पंजाब, केरल तथा राजस्थान से आए अतिथि प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश द्वारा शिक्षा प्रणाली में गुणवत्ता लाने के साथ-साथ संसाधनों के कुशल उपयोग और नीतियों को विकसित करने व उन्हें लागू करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक प्रणाली के तहत बच्चों में सीखने की प्रक्रिया को बढ़ाने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने के लिए इस प्रकार की ज्ञानवर्धक कार्यशालाएं काफी लाभप्रद हो सकती हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस छः दिवसीय ज्ञान साझाकरण कार्यशाला से बहुमूल्य ज्ञान हासिल करने के साथ-साथ प्रतिनिधियों के लिए विचारों का आदान-प्रदान करने, सर्वोत्तम प्रथाओं और अनुभवों को साझा करने का एक उत्कृष्ट अवसर मिलेगा और शिक्षा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देकर यह मंच देश भर में शिक्षा में सुधार करके सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी और संस्कृत में माध्यमिक स्तर के मॉड्यूल भी लॉन्च किए। गौरतलब है कि स्टार परियोजना ने इस मॉड्यूल को शिक्षकों की प्रशिक्षण आवश्यकता विश्लेषण (डीएनए) के आधार पर शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विकसित किया है जिसमें आवश्यकता आधारित मॉड्यूल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है और इसे राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएसए) अंतर्दृष्टि का उपयोग करने करके डिजाइन किया गया है जिसमें सीखने- सिखाने के आयाम, ज्ञान या सूचना अभ्यास और क्षमताएं तथा एनईपी 2020 विजन शामिल है, इन मॉड्यूल को पाठ्यक्रम में शामिल करके इसका उद्देश्य बाल केंद्रित शिक्षा शास्त्र को बढ़ावा देना और सीखने के परिणामों में सुधार करना है।
राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा ने शिक्षा मंत्री का कार्यशाला के शुभारंभ के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2022-23 में हिमाचल प्रदेश में दो ज्ञान साझाकरण कार्यशालाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया है । उन्होंने कहा कि एक अरुणाचल प्रदेश में व्यक्तिगत रूप से तथा दूसरी पंजाब के साथ वर्चुअल आधार पर आयोजित की गई और इन दोनों कार्यशालाओं की सफलता के आधार पर और भारत सरकार के परियोजना अनुमोदन बोर्ड के दिशा निर्देशों के अनुरूप स्टार्स परियोजना के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को अरुणाचल प्रदेश, केरल, पंजाब और राजस्थान के साथ शिक्षण अधिगम और परिणाम सुदृढ़ीकरण के तहत आज यहां ज्ञान साझा करने वाली कार्यशाला की मेजबानी का मौका मिला है।
उन्होंने बाहरी राज्यों से कार्यशाला के लिए आए अतिथि प्रतिनिधियों का भी आभार व्यक्त किया।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

जलवायु परिवर्तन व विकास मॉडल को लेकर मानसून सत्र में व्यापक चर्चा को लेकर आशा व्यक्त :चंबा के विकास में महत्वपूर्ण होगी चंबा-चुवाड़ी सुरंग : कुलदीप सिंह पठानिया

जन समस्याओं के समाधान में प्राथमिकता रखें अधिकारी डलहौजी, 31 अगस्त : विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा है कि चंबा-चुवाड़ी सुरंग आकांक्षी ज़िला चंबा को विकासात्मक गतिविधियों के लिहाज से विकसित होने...
article-image
हिमाचल प्रदेश

लंबित कार्यों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश : चंबा में विकेन्द्रीकृत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित

उपयोग प्रमाण पत्र व रिपोर्टिंग में लापरवाही न बरतने की हिदायत एएम नाथ। चंबा : जिला में विभिन्न विकेन्द्रीकृत योजनाओं तथा संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत स्वीकृत विकास कार्यों की प्रगति...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

दोस्त की जान बचाने के लिए कनाडा की नहर में कूदा : तेज बहाव की वजह से खुद भी डूबा, दोनों युवकों की जान गई

चंडीगढ़:  पंजाब के बरनाला जिले के रहने वाले 26 वर्षीय लवप्रीत सिंह की लाशीन नहर में डूबने से मौत हो गई. बताया जा रहा है कि वह अपने दोस्त की जान बचाने के लिए...
article-image
हिमाचल प्रदेश

छोटे राज्यों के हकों को दबाया नहीं जाना चाहिए: मुख्यमंत्री हिमाचल को उसके अधिकार मिलने चाहिए

एएम नाथ : शिमला : मुख्यमंत्री  सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां एक निजी न्यूज चैनल के ‘मंच’ कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि छोटे राज्यों के हकों को दबाया नहीं जाना चाहिए...
Translate »
error: Content is protected !!