सभी विभागीय अधिकारी उपमंडलाधिकारियों को भी दें नुक्सान की रिपोर्ट : राहत तथा पुनर्वास के कार्यों में नहीं बरतें कोताही: चंद्र कुमार

by
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से हो पेयजल की सप्लाई
धर्मशाला, 20 जुलाई। कृषि, पशु पालन मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने कहा कि बारिश से प्रभावित लोगों के राहत तथा पुनर्वास के कार्यों में तत्परता के साथ सभी विभागीय अधिकारियों को कार्य करना चाहिए, इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं की जाए। शुक्रवार को स्कूल शिक्षा बोर्ड के सभागार में कांगड़ा जिला में बारिश से हुए नुक्सान की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर चौधरी चंद्र कुमार ने कहा कि सभी विभागों के अधिकारी अपने अपने विभागों से संबंधित नुक्सान की रिपोर्ट उपमंडलाधिकारियों को भी नियमित तौर पर प्रेषित करें ताकि उपमंडल स्तर भी राहत तथा पुनर्वास के लिए उपयुक्त कदम उठाए जा सकें। प्रोफेसर चंद्र कुमार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हाल ही में रिलीफ राशि बढ़ाई है तथा उसी के आधार पर लोगों को फौरी राहत उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए ताकि बारिश से प्रभावित परिवारों को किसी भी तरह की कठिनाई नहीं झेलनी पड़े। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पटवारियों को अपने अपने क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त मकानों तथा प्रभावित परिवारों के लिए फौरी राहत दिलवाने के लिए गंभीरता के साथ कार्य किया जाए।
पीडब्ल्यूडी, कृषि, जलशक्ति, विद्युत विभाग में 179 करोड़ का नुक्सान
कांगड़ा जिला में भारी बारिश से लोक निर्माण विभाग को 70 करोड़, जलशक्ति विभाग को अस्सी करोड़, विद्युत विभाग को 15 करोड़, कृषि विभाग को 14 करोड़ के करीब प्रारंभिक तौर पर नुक्सान का आकलन किया गया है इसमें बारिश से सड़कों तथा पेयजल स्कीमों व विद्युत ट्रांसफार्मर क्षति ग्रस्त हुए हैं। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करने, पेयजल स्कीमों को सुचारू बनाने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों को परेशानी नहीं झेलनी पड़े। इसके साथ ही विद्युत व्यवस्था को भी दुरूस्त करने के लिए युद्व स्तर पर कार्य करने के लिए कहा गया है। कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने कहा कि लोगों के लिए मटमैले पानी की सप्लाई न हो इस के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से पानी को स्वच्छ करने की व्यवस्था की जाए।
राहत शिविर में प्रभावितों के लिए बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश
इंदौरा उपमंडल के मलाहल में प्रशासन की तरफ से 123 लोगों के लिए राहत कैंप स्थापित किया गया है इसमें प्रभावितों को खाद्य सामग्री के साथ साथ विद्युत और पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। भारी बारिश में पानी के बहाव से करीब 193 लोगों को प्रशासन तथा एनडीआरएफ के संयुक्त प्रयासों से रेस्क्यू किया गया है। कृषि मंत्री ने शिविरों में रह रहे लोगों के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं तथा उपमंडलाधिकारी को भी नियमित तौर पर राहत कैंप में व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए कहा गया है।
जिला में बाढ़ की दृष्टि से पुलों को बचाने के लिए तैयार करें प्लान
कृषि मंत्री चंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि बारिश के दौरान जल स्तर बढ़ने से पुलों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है, पुलों को सुरक्षित करने के लिए नदियों के पानी के बहाव को सुचारू करने के लिए प्लान तैयार किया जाए ताकि बरसात के दौरान नुक्सान नहीं झेलना पड़े। इसके साथ ही चक्की पुल को भी बारिश से क्षतिग्रस्त होने से रोकने के लिए कारगर योजना तैयार करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं।
सभी विभागों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा भी की
कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने सभी विभागों की त्रैमासिक समीक्षा बैठक में प्रगति का ब्यौरा भी लेते हुए कहा कि सभी विभागीय अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्व पूरा करने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए ताकि लोगों को समय पर सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि समय पर कार्य पूर्ण नहीं होने पर अधिकारियों की जबावदेही भी सुनिश्चित की जाएगी तथा आगामी बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों से इसकी रिपोर्ट ली जाएगी। उन्होंने कहा कि प्लानिंग के तहत जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न विभागों को दिए गए फंड्स को लेकर भी यूटेलाइजेशन सर्टिफिकेट पंद्रह दिन के भीतर जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं और जिन कार्यों को शुरू नहीं किया गया है उसके फंड्स वापिस किए जाएं।
इस अवसर पर सीपीएस आशीष बुटेल, विधायक संजय रत्न, विधायक केवल सिंह पठानिया, विधायक मलेंद्र राजन ने भी अपने अपने विस क्षेत्रों में बरसात से हुए नुक्सान तथा राहत पुनर्वास के कार्यों के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए जोर दिया। इससे पहले उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए कांगड़ा जिला में बारिश से हुए नुक्सान तथा जिला प्रशासन द्वारा राहत तथा पुनर्वास के लिए उठाए कदमों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं तथा इसकी नियमित रिपोर्ट भी मांगी जा रही है।
इस अवसर पर एसपी शालिनी अग्निहोत्री, एडीसी सौरभ जस्सल, एडीएम रोहित राठौर, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, वन विभाग, कृषि, बागबानी विभाग के अधिकारी, उपमंडलाधिकारी भी उपस्थित थे।
See translation
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

दूध की खरीद के लिए बनेगा 31 मार्च, 2025 तक डिजिटल सिस्टम- दूध के दाम बढ़ाने का सिलसिला आगे भी जारी रखेंगे: मुख्यमंत्री

सीएम ने दत्तनगर में नए दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का किया शुभारंभ,  तैयार होंगे बेहतर उत्पाद सीएम बोले, देवी-देवताओं व जनता के आशीर्वाद से हर चुनौती पार की एएम नाथ। रामपुर : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र...
article-image
हिमाचल प्रदेश

कार्य आरंभ नहीं होने पर फंड्स करें वापिस, DC हेमराज बैरवा ने दिए निर्देश : प्लानिंग के तहत विकास कार्यों के यूसी पोर्टल पर करें अपलोड: डीसी

एएम नाथ। धर्मशाला, 20 जुलाई। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने जिला प्रशासन द्वारा प्लानिंग के तहत विभिन्न विकास कार्यों के लिए आवंटित धनराशि को लेकर सभी विभागीय अधिकारियों को यूटेलाइजेशन सर्टिफिकेट पंद्रह दिन के भीतर...
article-image
हिमाचल प्रदेश

अवैध खनन के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई, जुर्माने के साथ पर्यावरण मुआवजे की भी वसूली की जाए – राघव शर्मा

ऊना, 18 अगस्त – जिला ऊना में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए व दोषियों से जुर्माना वसूलने के अलावा पर्यावरण मुआवजे की वसूली करने के पश्चात ही...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मानसून सत्र -मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष ने एक दूसरे पर आपदा प्रबंधन को लेकर किए शब्दी हमले : मुख्यंमत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा केंद्र सरकार कुछ दे चाहे नहीं, 26 सितंबर को राहत पैकेज की घोषणा करेंगे

शिमला : विधानसभा के मानसून सत्र की राष्ट्रगान के साथ सदन की कार्यवाही शुरू हुई। जिसके बाद स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने सत्तापक्ष और विपक्ष के सभी सदस्यों का अभिनंदन करते हुए सभी सदस्यों...
Translate »
error: Content is protected !!