सलूणी कॉलेज का क्लाइमेट सोशल फोरम, मिलान (इटली) के साथ हुआ समझौता

by

जलवायु कार्रवाई एवं सतत विकास को बढ़ावा देने हेतु हुआ एमओयू साइन

समझौता शैक्षणिक और वैश्विक सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

एएम नाथ। सलूणी (चंबा) 16 फरवरी : क्लाइमेट सोशल फोरम, मिलान (इटली) और राजकीय महाविद्यालय सलूणी ने जलवायु कार्रवाई, सतत विकास, शैक्षणिक अनुसंधान तथा छात्र सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से औपचारिक रूप से एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस MoU पर राजकीय महाविद्यालय सलूणी, हिमाचल प्रदेश के प्राचार्य डॉ. मोहिंदर सलारिया तथा क्लाइमेट सोशल फोरम, मिलान (इटली) के सीईओ एवं संस्थापक डॉ. डोमेनिको वीटो द्वारा हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता जलवायु एवं सामाजिक चुनौतियों के समाधान हेतु शैक्षणिक और वैश्विक सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
क्लाइमेट सोशल फोरम एक समावेशी वैश्विक मंच है, जिसका उद्देश्य एक वर्चुअल “अगोरा” (संवाद मंच) का निर्माण करना है, जहाँ कार्यकर्ता, नागरिक, शोधकर्ता और विशेषज्ञ संवाद के माध्यम से जलवायु, सामाजिक एवं पर्यावरणीय संकटों के समाधान प्रस्तुत कर सकें। अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से यह मंच लिसेन, जनरेटिविटी, सोलुशन तथा तालानो डायलाग पद्धति के सिद्धांतों पर आधारित ज्ञान आदान-प्रदान, अनुसंधान सहयोग और जनजागरूकता को बढ़ावा देता है।
सितंबर 2006 में स्थापित राजकीय महाविद्यालय सलूणी, जिला चंबा (हिमाचल प्रदेश) में स्थित एक सह-शिक्षा संस्थान है। यह महाविद्यालय गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करने, शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने तथा विद्यार्थियों को पर्यावरण एवं सामाजिक पहलों में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित करने के लिए निरंतर कार्यरत है।
इस MoU का मुख्य उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच जलवायु कार्रवाई एवं सतत विकास, सामाजिक एवं पर्यावरणीय न्याय, शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रकाशन, शैक्षिक पहल, छात्र सहभागिता तथा जनजागरूकता गतिविधियों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक औपचारिक रूपरेखा स्थापित करना है।
इस साझेदारी के अंतर्गत क्लाइमेट सोशल फोरम महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को अपने वर्चुअल अगोरा प्लेटफॉर्म, ज्ञान संसाधनों, विशेषज्ञ व्याख्यानों तथा ऑनलाइन इंटर्नशिप एवं अनुसंधान के अवसर उपलब्ध कराएगा। साथ ही, फोरम अपने वैश्विक डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से शैक्षणिक एवं जनजागरूकता गतिविधियों के प्रसार में सहयोग करेगा।
दूसरी ओर, राजकीय महाविद्यालय सलूणी अपने प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों को क्लाइमेट सोशल फोरम की विभिन्न पहलों में सक्रिय रूप से शामिल करेगा, संयुक्त अनुसंधान एवं प्रकाशनों में शैक्षणिक योगदान देगा तथा व्याख्यान, कार्यशाला एवं सेमिनार जैसी संयुक्त शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन करेगा। महाविद्यालय विद्यार्थियों की जलवायु जागरूकता एवं सतत विकास कार्यक्रमों में भागीदारी भी सुनिश्चित करेगा।
यह सहयोग दोनों संस्थानों की सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को आगे बढ़ाने तथा एक सतत एवं न्यायसंगत भविष्य के निर्माण हेतु जागरूकता, अनुसंधान और सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह साझेदारी विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ संवाद एवं अनुसंधान में भाग लेने के मूल्यवान अवसर प्रदान करेगी।
यह MoU हस्ताक्षर की तिथि से तीन वर्षों की अवधि तक प्रभावी रहेगा और शैक्षणिक उत्कृष्टता, जलवायु जागरूकता तथा सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए दोनों संस्थानों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

क़ानून व्यवस्था ध्वस्त, प्रदेश की छवि धूमिल कर रही सरकार का निकम्मापन : जयराम ठाकुर

रोहड़ू, ऊना, कुल्लू, बंजार, चंबा, शिमला समेत हर जगह से आ रही वीभत्स ख़बरें, सरकार मौन पुलिस प्रशासन बीजेपी के कार्यकर्ताओं और नेताओं की निगरानी में लगा प्रदेश में अपराध और अपराधी का बोलबाला,...
article-image
हिमाचल प्रदेश

सहारा योजना का पंजीकरण हुआ आरंभः एडीसी

योजना के तहत गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को प्रदेश सरकार देती है 3 हजार रुपए पेंशन ऊना, 18 फरवरी: सहारा योजना के तहत जिला ऊना में पंजीकरण एक बार पुनः आरंभ हो गया...
article-image
हिमाचल प्रदेश

डीसी ने किया नवनिर्मित टांडा अस्पताल सराय भवन का निरीक्षण : डीसी डॉ. निपुण जिंदल बोले… टांडा में मरीजों-तीमारदारों को न्यूनतम दामों में जल्द मिलेगी रहने-खाने की सुविधा

धर्मशाला, 17 जुलाई। कांगड़ा जिले के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा का सराय भवन बन कर तैयार है। लगभग 2.75 करोड़ रुपये की लागत से...
article-image
हिमाचल प्रदेश

दो महीने का था बिल … कंगना रनौत सब्सिडी भी लेती हैं, समय पर नहीं करती भुगतान : कंगना रनौत का बयान भ्रामक

एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड ने कंगना के बयान पर स्पष्ट किया है कि मनाली विद्युत उप-मंडल के अन्तर्गत कंगना रनौत के नाम पर उनके आवास सिमसा गांव में...
Translate »
error: Content is protected !!