रोटरी आई बैंक व कॉर्निया ट्रांसप्लांट सोसाइटी की पहल, लोगों को किया गया जागरूक
गढ़शंकर। नेत्रदान एवं देहदान के प्रति लोगों को जागरूक करने और इस महान मानवीय कार्य के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से रोटरी आई बैंक व कॉर्निया ट्रांसप्लांट सोसाइटी द्वारा कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) बीनेवाल में विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और नेत्रदान व देहदान के महत्व तथा इससे संबंधित प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
जागरूकता शिविर के दौरान चार लोगों ने मरणोपरांत देहदान करने और 10 लोगों ने नेत्रदान करने के लिए फॉर्म भरकर अपना संकल्प व्यक्त किया। आयोजकों ने इसे समाज में नेत्रदान एवं देहदान के प्रति बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक संकेत बताया।
रोटरी आई बैंक व कॉर्निया ट्रांसप्लांट सोसाइटी के संस्थापक अध्यक्ष जेबी बहल ने कहा कि मानव जीवन अमूल्य है और मृत्यु के बाद भी व्यक्ति मानवता की सेवा कर सकता है। उन्होंने कहा कि नेत्रदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है, जबकि देहदान चिकित्सा शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
उन्होंने कहा कि नेत्रदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी की अंधेरी जिंदगी में रोशनी लाने का माध्यम है। जब कोई व्यक्ति मृत्यु के बाद अपने नेत्र दान करता है तो वह किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए दुनिया देखने का अवसर बन सकता है। यह एक ऐसा महान कार्य है, जिसके माध्यम से इंसान मृत्यु के बाद भी समाज के लिए अपना अमूल्य योगदान दे सकता है।
सीएचसी बीनेवाल के एसएमओ डॉ. निर्मल सिंह ने कहा कि नेत्रदान और देहदान को लेकर आज भी समाज में कई प्रकार की भ्रांतियां और गलत धारणाएं मौजूद हैं। इन्हीं भ्रांतियों के कारण अनेक लोग इस पुण्य कार्य के लिए आगे आने से हिचकिचाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सही, वैज्ञानिक और तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है, ताकि लोग भ्रम और डर से बाहर निकलकर इस महान कार्य के महत्व को समझ सकें।
बॉडी डोनेशन कमेटी के चेयरमैन डॉ. तरसेम सिंह ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में मानव शरीर का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वेच्छा से किया गया देहदान भविष्य के चिकित्सकों को मानव शरीर की संरचना को बेहतर ढंग से समझने और चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त करने में सहायक होता है। इससे चिकित्सा अनुसंधान को भी मजबूती मिलती है।
उन्होंने लोगों को नेत्रदान और देहदान से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी। उपस्थित लोगों को बताया गया कि इस प्रकार के महान कार्यों के लिए व्यक्ति को स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों को भी अपनी इच्छा से अवगत करवाना चाहिए, ताकि समय आने पर उसकी इच्छा को सम्मानपूर्वक पूरा किया जा सके।
वक्ताओं ने कहा कि किसी भी सामाजिक बदलाव की शुरुआत जागरूकता से होती है। यदि प्रत्येक व्यक्ति नेत्रदान और देहदान के महत्व को समझे तथा इस संबंध में फैली गलत धारणाओं को दूर करने में योगदान दे तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से अपील की गई कि वे इस संदेश को केवल अपने तक सीमित न रखें, बल्कि अपने परिवार, रिश्तेदारों और समाज के अन्य लोगों तक भी पहुंचाएं। विशेष रूप से युवाओं से इस अभियान में आगे आकर नेत्रदान एवं देहदान के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की गई।
इस अवसर पर एसएमओ डॉ. निर्मल सिंह, बॉडी डोनेशन कमेटी के चेयरमैन डॉ. तरसेम सिंह, प्रोफेसर दलजीत सिंह, मदन महाजन, जसबीर कंवर, गढ़शंकर यूनिट के प्रधान लखविंदर सिंह, प्रेस सेक्रेटरी अजायब सिंह बोपाराय, जनरल सेक्रेटरी भूपिंदर सिंह, सेक्रेटरी ओंकार सिंह चाहलपुरी, कैशियर राजन मल्हण, ऑफिस सेक्रेटरी रमनदीप सिंह, रामजी दास चौहान, पूर्व सरपंच कुलभूषण कुमार, पूर्व सरपंच दविंदर सिंह, पवन शर्मा, डॉ. महिंदर अंगार, शुभम राणा कोकोवाल, कण्व ग्रीन फाउंडेशन के संस्थापक रामपाल भारद्वाज, पूर्व सरपंच वीर सिंह हरवां, सरपंच बलजिंदर सिंह नैनवां, पंचायत समिति सदस्य सरवन किसाना, पंचायत समिति सदस्य मोहन लाल बीनेवाल, सरपंच बलविंदर सिंह बिंदु, पंच राणा सुषिन्दर सिंह मजारी सोढ़ी और रतनपुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
