तकनीकी शिक्षा मंत्री ने रुक्मिणी कुंड में पूजा-अर्चना कर पवित्र जल सीर खड्ड में किया प्रवाहित
घुमारवीं के गांधी चौक पर महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को अर्पित की श्रद्धांजलि
घुमारवीं (बिलासपुर), 02 अक्तूबर: घुमारवीं में दो दिवसीय जिला स्तरीय सीर उत्सव का शुक्रवार को विधिवत शुभारंभ नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने किया। उन्होंने रुक्मिणी कुंड में पूजा-अर्चना करने के उपरांत पवित्र जल को घुमारवीं में सीर खड्ड में प्रवाहित किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सीर उत्सव केवल आस्था और परंपरा से जुड़ा आयोजन नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से समाज में लैंगिक समानता, स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण संदेश भी पहुंचाए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से सीर खड्ड को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने तथा जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने गांधी चौक पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा योग सत्र में भाग लिया। इसके उपरांत उन्होंने नरसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना और कन्या पूजन कार्यक्रम में भाग लिया। बाद में उन्होंने पुराना बस स्टैंड से गांधी चौक होते हुए सीर खड्ड तक निकाली गई भव्य शोभायात्रा में भी सहभागिता की। शोभायात्रा में क्षेत्र की लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जैसे महापुरुषों ने समाज को उच्च आदर्श और जीवन जीने की दिशा प्रदान की। इन महापुरुषों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम उनके विचारों और मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा आने वाली पीढ़ी को भी उनके आदर्शों और शिक्षाओं से परिचित करवाएं। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर आयोजित सीर उत्सव इसी विचार को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।
राजेश धर्माणी ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखना और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना भी उत्सव का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। खेलकूद, योग और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर व्यक्ति अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है। उन्होंने योग सत्रों के नियमित आयोजन के लिए आवश्यक भूमि और सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रयास करने की बात भी कही।
उन्होंने कहा कि सीर उत्सव को इस वर्ष संस्कृति, प्रकृति, स्वास्थ्य, खेल, रोजगार और सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए व्यापक स्वरूप दिया गया है। उत्सव के दौरान महिला मंडलों और युवाओं के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कबड्डी, हैंडबॉल, रस्साकशी, बोरी दौड़, तीन टांग दौड़ और वॉलीबॉल जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों और युवाओं की रचनात्मकता एवं प्रतिभा को प्रोत्साहित करना भी सीर उत्सव का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। वॉल पेंटिंग, चित्रकला, नृत्य, सांस्कृतिक गीत, खेलकूद और कवि सम्मेलन सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों और युवाओं में सृजनात्मक सोच, आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता की भावना को मजबूत करने में सहायक होती हैं।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष पहली बार सीर उत्सव में रोजगार मेले को भी शामिल किया गया है। तीन अक्तूबर को आयोजित होने वाले रोजगार मेले में लगभग 15 कंपनियों को आमंत्रित किया गया है, जहां 10वीं, जमा दो, आईटीआई, डिप्लोमा, डिग्री, बीसीए और एमसीए सहित विभिन्न शैक्षणिक योग्यताओं वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार और करियर के नए अवसरों से जुड़ने का मंच मिलेगा।
राजेश धर्माणी ने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से उत्सव के दौरान निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें विशेषज्ञ एवं सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया गया है। इसके अतिरिक्त सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से इन गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
