सोलन ज़िला की प्रारूप क्षेत्रीय योजना पर हितग्राही परामर्श बैठक आयोजित : प्रकृति की सुरक्षा में ही सुरक्षित भविष्य निहित- डॉ. शांडिल

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 सोलन :  स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि सोलन ज़िला की प्रारूप क्षेत्र योजना में सभी हितधारकों के सुझावों को समाहित करने के लिए कार्य किया जाना चाहिए। डॉ. शांडिल आज सोलन के बडोग में नगर नियोजन विभाग द्वारा सोलन ज़िला की प्रारूप क्षेत्र योजना को अंतिम रूप देने के लिए आयोजित हितग्राही परामर्श बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
डॉ. शांडिल ने कहा कि सोलन ज़िला हिमाचल प्रदेश का सबसे तीव्र गति से विकसित होता ज़िला है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और सभी को बेहतर अधोसंरचना सुविधाएं प्रदान करने के लिए योजनाबद्ध विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इन सभी आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए वर्ष 2041 को ध्यान में रखकर सोलन ज़िला की प्रारूप क्षेत्र योजना तैयार की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रारूप योजना में आवासीय सुविधा, यातायात एवं परिवहन सुविधा, आर्थिक गतिविधियां, उद्योग, कृषि एवं सम्बद्ध गतिविधि, सामाजिक अधोसंरचना और पर्यावरण तथा आपदा प्रबंधन को विशेष अधिमान दिया जाना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गत वर्ष प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा ने निर्माण और विकास की अवधारणाओं में आधारभूत बदलाव की आवश्यकता की और सभी का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि भविष्य और वर्तमान को सुरक्षित रखने के लिए यह आवश्यक है कि सभी प्रकार के निर्माण क्षेत्र विशेष की भौगोलिक परिस्थिति और प्राकृतिक आपदा के खतरे से बचाव के अनुरूप हों। उन्होंने कहा कि बेहतर अधोसंरचना समृद्धि का कारक बनती है और इस दिशा में नगर नियोजन विभाग के साथ-साथ अन्य सभी हितधारकों को भी कार्य करना होगा।
डॉ. शांडिल ने कहा कि प्रारूप क्षेत्रीय योजना में स्थापित वैज्ञानिक नियमों का पालन किया जाना चाहिए और भविष्य की आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। सोलन ज़िला में औद्योगिक, पर्यटन और सेवा क्षेत्र में विकास की व्यापक सम्भावनाएं है। प्रारूप क्षेत्रीय योजना में इन क्षेत्रों के विकास और इन पर निर्भर जनसंख्या की आवसीय सुविधा समाहित होनी चाहिए।
रोज़गार मंत्री ने कहा कि प्रारूप क्षेत्रीय योजना में स्वच्छता पर विशेष बल दिया जाना चाहिए। उन्होंने समुचित ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन, वर्षा जल संग्रहण प्रबंधन, ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे बांधों के माध्यम से जल संरक्षण और नगर नियोजन नियमों की पालना पर बल दिया।
उन्होंने आशा जताई कि प्रारूप क्षेत्रीय योजना के माध्यम से नगर नियोजन विभाग न केवल विभिन्न समस्याओं का निराकरण करने में सफल होगा अपितु जन-जन तक अधोसंरचना की पहुंच भी सुनिश्चित बनाएगा। उन्होंने कहा कि प्रकृति को सुरक्षित रख कर ही हम भविष्य को सुरक्षित बना सकते हैं।
कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने कहा कि प्रारूप क्षेत्रीय योजना में शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर भी समुचित बल दिया जाना चाहिए। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्र के अनुरूप योजना बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भूकम्प की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में जापान के अनुरूप भवन निर्माण की सम्भावनाएं तलाशी जानी चाहिएं। उन्होंने भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप जल प्रबंधन योजना तैयार करने पर बल दिया।
पूर्व मुख्य नगर योजनाकार संदीप शर्मा सहित अन्य विशेषज्ञों ने बहुमूल्य सुझाव प्रस्तुत किए।
फीडबैक इंफ्रा समूह के प्रतिनिधि प्रारूप क्षेत्रीय योजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने अवगत करवाया कि प्रारूप क्षेत्रीय योजना वर्ष 2041 की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की गई है तथा इससे अनुमोदन के उपरांत मास्टर योजना में विस्तृत प्रबंधन किया जाएगा।
खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव, उपमण्डलाधिकारी अर्की यादविंदर पाल, उपमण्डलाधिकारी कसौली नारायण सिंह चौहान, उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम, नगर योजनाकार प्रेमलता नेगी चौहान सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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