उत्तराखंड, 20 अक्टूबर। पंजाबी गायक दलेर मेहंदी उत्तराखंड के टिहरी जिले में आयोजित कुंजापुरी मेले में अपनी प्रस्तुति को लेकर विवादों में आ गए हैं। नवरात्रि समारोह के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री और नरेंद्रनगर के विधायक सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक की प्रस्तुति पर आपत्ति जताई। मंत्री ने आरोप लगाया कि दलेर मेहंदी कथित तौर पर शराब के नशे में गा रहे थे। इसके बाद उन्होंने गायक से मंच छोड़ने का अनुरोध किया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मंत्री सुबोध उनियाल गायक से कहते सुनाई दे रहे हैं कि नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के लिए आयोजित कार्यक्रम में इस तरह की स्थिति उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि दलेर मेहंदी को लोगों के मनोरंजन के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन उनकी प्रस्तुति से आयोजकों को निराशा हुई।
“हाथ जोड़कर अनुरोध करता हूं, मंच छोड़ दीजिए”
वायरल वीडियो में मंत्री गायक से कहते सुनाई देते हैं, “आपसे बोला तो जा नहीं रहा, गाना कैसे गाएंगे। आप हमारा मजाक बना रहे हैं।” इसके बाद वह हाथ जोड़कर दलेर मेहंदी से मंच छोड़ने का अनुरोध करते हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि दलेर मेहंदी एक प्रसिद्ध गायक हैं और इसी वजह से उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। उनके अनुसार, धार्मिक आयोजन में इस तरह की स्थिति से लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं।
दलेर मेहंदी की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस घटनाक्रम के बाद कुंजापुरी मेले का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, दलेर मेहंदी की ओर से मंत्री के आरोपों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए शराब के नशे में प्रस्तुति देने संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
दलेर मेहंदी पंजाबी संगीत जगत के लोकप्रिय गायकों में शामिल हैं। उनके चर्चित गीतों में ‘ना ना ना ना ना रे’, ‘कुड़ियां शहर दियां’, ‘रंग दे बसंती’ और ‘जियो रे बाहुबली’ जैसे गाने शामिल हैं। इस बार वह अपनी गायकी के बजाय कुंजापुरी मेले में हुए विवाद को लेकर चर्चा में हैं।
