हिमकेयर योजना के दावों की होगी गहन जांच, 160 निजी अस्पतालों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा
मरीजों के उपचार, बिलिंग और भुगतान दस्तावेजों का मिलान कर रही एसआईटी
एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश की महत्त्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना हिमकेयर के तहत किए गए उपचार दावों की जांच अब निजी अस्पतालों तक पहुंच गई है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) के अलावा विजिलेंस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) प्रदेश के करीब 160 निजी अस्पतालों में हिमकेयर योजना के अंतर्गत किए गए क्लेम की गहन पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना के तहत किए गए सभी दावे नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से प्रस्तुत किए गए थे या नहीं।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, एसआईटी अस्पतालों में मौजूद रहकर हिमकेयर से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। जांच के दौरान मरीजों के उपचार, भर्ती, बिलिंग, भुगतान प्रक्रिया तथा क्लेम से संबंधित सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। टीम यह भी पता लगा रही है कि उपचार के लिए प्रस्तुत किए गए दावों में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
सूत्रों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना के तहत किए गए क्लेम की जांच के लिए विजिलेंस को औपचारिक अनुमति प्रदान की है। इसके बाद गठित एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में किए गए भुगतान और ऑडिट विभाग भी हिमकेयर योजना के तहत हुए भुगतान और क्लेम की अलग से समीक्षा कर रहा है। ऑडिट के माध्यम से वित्तीय प्रक्रियाओं और भुगतान की वैधता का परीक्षण किया जा रहा है, जबकि विजिलेंस संभावित अनियमितताओं, फर्जी दावों और नियमों के उल्लंघ दावों की पड़ताल शुरू कर दी है।
वहीं, प्रदेश सरकार का ऑडिट विभाग भी हिमकेयर योजना के तहत हुए भुगतान और क्लेम की अलग से समीक्षा कर रहा है। ऑडिट के माध्यम से वित्तीय प्रक्रियाओं और भुगतान की वैधता का परीक्षण किया जा रहा है, जबकि विजिलेंस संभावित अनियमितताओं, फर्जी दावों और नियमों के उल्लंघन जैसे पहलुओं की जांच में जुटी है।
सूत्रों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद यदि किसी अस्पताल या संबंधित पक्ष की ओर से नियमों के विपरीत क्लेम या वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एसआईटी विभिन्न अस्पतालों से रिकॉर्ड एकत्र कर उनका मिलान करने में जुटी हुई है।
