हिमाचल की आपदा सरकारों की गलत नीतियों का परिणाम, विधानसभा में गरजे BJP विधायक डॉ. जनक राज

by

एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र में प्राकृतिक आपदा से हुई तबाही का मुद्दा गरमाया रहा। नियम 67 के तहत चर्चा में भाग लेते हुए भरमौर से भाजपा विधायक डा. जनक राज ने प्रदेश में हुई भारी तबाही के लिए सीधे तौर पर सरकारों की गलत नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हुए नुकसान केवल प्राकृतिक कारणों से नहीं हुआ है जिसमें प्रदेश सरकार की गलत नीतियों, गैर-जिम्मेदाराना रवैये और निर्माण कार्यों में हुए भ्रष्टाचार का परिणाम है, जिसके कारण आज हिमाचल इस कगार पर खड़ा है।

डॉ. जनक राज ने आपदा से निपटने के लिए सरकार की तैयारियों पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार की हालत ऐसी है जैसे वह बादलों से कह रही हो, ‘आ जाओ, हम तैयार हैं, बस हमारे छाते में जो छेद है उसे ठीक कराने के लिए केंद्र से मदद मांग रहे हैं’। उन्होंने कहा कि मॉनसून कोई अचानक आने वाला मेहमान नहीं है, इसकी भविष्यवाणी 4-5 महीने पहले ही हो जाती है, लेकिन सरकार ने 2023 की आपदा से भी कोई सबक नहीं सीखा। उन्होंने आपदा प्रबंधन के नाम पर होने वाली बैठकों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल किया, “क्या ये बैठकें सिर्फ चाय, बिस्किट, पकोड़े खाने और फोटो खिंचवाने के लिए होती हैं? इन बैठकों का नतीजा क्या निकलता है? बस यही कि चलो, इस साल जो हुआ सो हुआ, अगले साल देखेंगे।” उन्होंने राजस्व मंत्री से जवाब मांगते हुए कहा कि 2023 की आपदा के बाद समन्वय बनाने के जो वादे किए गए थे, उन पर 2025 तक क्या कार्रवाई हुई, यह तथ्यों के साथ सदन को बताएं।
विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र की पीड़ा को भी सदन में रखा। उन्होंने बताया कि ब्रेही पंचायत के तूर गांव का एक व्यक्ति दिलीप सिंह उन्हें तीन दिनों से फोन कर रहा है कि उसके घर के ऊपर भूस्खलन (Landslide) हो रहा है और उसका परिवार खतरे में है। उन्होंने 21 जुलाई को चड़ी पंचायत में हुए हादसे का जिक्र किया, जहां एक नवविवाहित जोड़े की मलबे में दबकर मौत हो गई थी।
उन्होंने कहा कि बलोट पंचायत के उसलाड़-सेरी गांव में पिछले दो सालों से भूस्खलन हो रहा है, जिससे 1500 की आबादी मुख्य मार्ग से कट गई है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे, बीमारों को अस्पताल ले जाना मुश्किल है, लेकिन बार-बार आग्रह करने के बावजूद प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली है। उन्होंने कहा, “21 जुलाई की घटना को लगभग एक महीना हो गया है, लेकिन एसडीएम साहब के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी है। डॉ. जनक राज ने मांग की कि मणिमहेश यात्रा मार्ग और अन्य भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में हर 10-15 किलोमीटर पर स्थायी शेल्टर होम बनाए जाएं ताकि आपदा के समय लोग वहां शरण ले सकें।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री प्रवास की तैयारियों का संजय अवस्थी ने लिया जायज़ा

सोलन : मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी ने आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के 30 नवम्बर, 2023 के प्रवास के दृष्टिगत सोलन...
article-image
हिमाचल प्रदेश

विक्रमादित्य सिंह ने एक बार फिर बीजेपी प्रत्याशी कंगना रनौत पर हमला बोला : कंगना से पूछा है कि आपदा के समय कहां थीं

एएम नाथ।   मंडी  : हिमाचल प्रदेश मंडी लोकसभा संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी विक्रमादित्य सिंह ने एक बार फिर बीजेपी प्रत्याशी कंगना रनौत पर हमला बोला है। उन्होंने कंगना से पूछा है कि आपदा...
article-image
हिमाचल प्रदेश

जेओए (आईटी) अभ्यर्थी प्रतिनिधिमण्डल : मुख्यमंत्री से चयन प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का किया आग्रह

शिमला : जेओए (आईटी) पोस्ट कोड-817 परीक्षा में भाग लेने वाले युवाओं के एक प्रतिनिधिमण्डल ने आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की और उनसे जेओए (आईटी)-817 की चयन प्रक्रिया को शीघ्र...
article-image
हिमाचल प्रदेश

आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन, जिला राजस्व अधिकारी विक्रमजीत सिंह रहे मुख्य अतिथि

एएम नाथ। चम्बा (डलहौज़ी) : युवा हॉस्टल डलहौज़ी में आज जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा “युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला राजस्व अधिकारी श्री...
Translate »
error: Content is protected !!