हिमाचल प्रदेश के पुलिस कर्मियों के लिए नया आदेश : वर्दी पहनकर रील्‍स और वीडियो बनाना और उसे सोशल साइट्स पर न पोस्‍ट करें

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शिमला. हिमाचल प्रदेश के पुलिस कर्मियों के लिए नया आदेश सामने आया है जिसमें साफ कहा गया है कि खाकी वर्दी पहनकर रील्‍स और वीडियो बनाना और उसे सोशल साइट्स पर न पोस्‍ट करें। ऐसा करते हुए पाए जाने पर उन पर कार्रवाई की जाएगी. पुलिस विभाग के आदेश को लेकर हड़कंप मच गया है।  पुलिसकर्मियों के बीच इस आदेश को लेकर चर्चा हो रही है।  वही जनता ने इस आदेश का स्‍वागत किया है।

पुलिस अफसरों ने बताया कि कुछ पुलिस कर्मियों को अपनी रील्‍स और वीडियो बनाने का चस्‍का लग गया है। इस तरह के वीडियो को लेकर शिकायत मिली थी. शिकायत कर्ता ने कहा था कि पुलिस की वर्दी का सम्‍मान बनाए रखना चाहिए। कुछ लोग इस वर्दी में मॉडलिंग पोज देने, बॉलीवुड समेत अन्‍य गानों पर थिरकते हुए वीडियो अपलोड कर रहे हैं. इस पर रोक लगनी चाहिए।

खाकी वर्दी वाली सोशल मीडिया पोस्‍ट पर रहेगी नजर, सख्‍त कार्रवाई के निर्देश :  सोशल मीडिया पर इन दिनों पुलिस वालों को भी रील बनाने का चस्का लग गया है और इसका नशा इस कदर है कि वो खाकी-वर्दी पहनकर डांस कर रहे हैं या फिर स्टंट कर रहे हैं, जिसको लेकर कई बार लोगों ने नाराजगी भी जताई।  वहीं कई राज्य सरकारों ने ऐसे पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई भी की. इस बीच राजस्थान पुलिस ने अपने राज्यों की पुलिस को रील बनाने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया है। साथ ही दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम भी दिया है।

धर्मशाला के अभिषेक ने की थी ईमेल से शिकायत :   धर्मशाला के रहने वाले अभिषेक गोस्वामी ने हिमाचल प्रदेश में पुलिस कर्मियों द्वारा वर्दी में रील डालने पर विरोध किया था।  उन्‍होंने अपनी शिकायती ईमेल के माध्यम से मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश सरकार से की।  अभिषेक गोस्वामी ने कहा कि पुलिस की वर्दी हमारे लिए सम्मान है और इस तरह रील्‍स बनाकर मॉडलिंग, गानों पर थिरकना खाकी वर्दी का अपमान है। अगर किसी में अपना टैलेंट है तो वह बिना वर्दी के अपनी रील बना सकते है।

आदेश का विरोध करने पर, रील्‍सय या वीडियो पोस्‍ट नहीं करने के आदेश
इस आदेश के तहत अब पुलिस वाले रील और वीडियो नहीं बनाएंगे। लेकिन ऐसा होता है तो फिर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  उन्‍होंने कहा कि आदेश में सारी बातें स्‍पष्‍ट हैं और ऐसी उम्‍मीद है कि पुलिस कर्मी इसका पालन करेंगे। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर पुलिस विभाग भी नजर रखेगा और अगर कोई कर्मचारी ऐसा करता पाया गया तो उस पर विभागीय कार्रवाई होगी। आदेश में कहा गया है कि विभाग की अनुशासन और मर्यादाओं का पालन करते हुए हर पुलिसकर्मियों को अपना काम करना है।  सभी अफसर अपने-अपने पुलिस जवानों को इस बारे में पूरी जानकारी देंगे और जवान इस आदेश का पालन करेंगे।

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