पंजाब का एकमात्र जिला जिसे प्राप्त हुई यह फंडिंग
– डिप्टी कमिश्नर ने सहायक कमिश्नर ओएशी मंडल व रैडक्रास सोसायटी टीम के प्रयासों की सराहना की
– जलवायु परिवर्तन से निपटने में होशियारपुर के लिए यह योजना बनेगी मॉडल प्रोजेक्ट: डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन
– प्रोजेक्ट के अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों पर की जाएगी कूलिंग सेंटर्स व शेड्स की स्थापना
– सुरक्षित पेयजल सुविधाओं के लिए वॉटर कियोस्क और मोबाइल जल वितरण भी शामिल
होशियारपुर, 9 अक्तूबर: डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन के नेतृत्व में होशियारपुर जिला प्रशासन ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए हीट वेव (गर्मी की लहर) प्रबंधन के लिए 95 लाख रुपए की फंडिंग हासिल की है। यह गर्व की बात है कि पंजाब का एकमात्र जिला होशियारपुर है जिसे यह फंडिंग प्राप्त हुई है। डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने इसे सहायक कमिश्नर ओएशी मंडल, रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव मंगेश सूद व उनकी पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों और दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया। उन्होंने बताया कि जिला रेडक्रास सोसायटी की ओर से राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग, पंजाब को इस संबंधी प्रस्ताव बना कर भेजा गया था, जिसको स्वीकृत करते हुए विभाग ने प्रस्ताव के लिए मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि यह पहल जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने और जनहित में राहत पहुंचाने की दिशा में एक बेहतरीन, नवीन और प्रेरणादायक कदम है।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इस फंडिंग के तहत जिले में आने वाले समय में ‘हीट वेव शमन योजना’ लागू की जाएगी, जिसमें आम जनता की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के अंतर्गत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कूलिंग सेंटर्स तथा शेड्स की स्थापना की जाएगी ताकि लोगों को गर्मी से राहत मिल सके। सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंड, ट्रैफिक लाइट्स और सरकारी भवनों में पंखे, कूलर और एयर कंडीशनर की व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षित पेयजल सुविधाओं के लिए वॉटर कियोस्क, मोबाइल जल वितरण इकाइयां और ओआरएस वितरण केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी, जिनमें हाइड्रेशन किट्स, आवश्यक दवाएं और अतिरिक्त बिस्तर की व्यवस्था शामिल होगी। आम जनता को हीट वेव से बचाव के उपायों की जानकारी देने के लिए जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, जबकि आकस्मिक परिस्थितियों में राहत और पेयजल वितरण के लिए आपातकालीन कोष बनाया जाएगा।
डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कहा कि यह परियोजना जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरी टीम की निष्ठा, दूरदृष्टि और समर्पण का परिणाम है। विशेष रूप से उन्होंने सहायक कमिश्नर ओएशी मंडल की सराहना करते हुए कहा कि योजना को धरातल पर उतारने में उनका योगदान सराहनीय रहा है।
आशिका जैन ने कहा कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में एक अनुकरणीय मिसाल बनेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल पूरे पंजाब के लिए एक मॉडल प्रोजेक्ट सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस परियोजना के कार्यों को तेज गति से लागू किया जाएगा ताकि गर्मी के मौसम में आम लोगों को समय पर राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य इस पहल के माध्यम से जिले को जलवायु-संवेदनशील और आपदा-प्रतिक्रिया के क्षेत्र में अग्रणी जिला बनाना है।
