अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर्स का नाम आते ही एक से बढ़कर एक विशालकाय जंगी बेड़े आंखों के आगे नाच जाते हैं. ऐसे-ऐसे शानदार और एडवांस एयरक्राफ्ट कैरियर, जिन्हें देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये पानी पर तैरते हुए ऐसे अभेद्य किले हैं, जो दुश्मन के हौसले पस्त कर दें ।
सोचिए अगर ऐसे किसी किले को एक छोटी सी पनडुब्बी ठिकाने लगा दे, तो आप यकीन नहीं कर पाएंगे. हालांकि ऐसा हुआ और ऐसे देश की पनडुब्बी ने अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर को लगभग डुबो ही दिया था, जिसकी सेना दुनिया की नंबर वन सेना के सामने टिकती ही नहीं।
उत्तरी अटलांटिक में हुए NATO के एक नौसैनिक अभ्यास के दौरान ये दिलचस्प घटना सामने आई, जब कनाडा की एक पनडुब्बी ने अभ्यास के दौरान अमेरिकी विमानवाहक पोत को डुबो दिया. अभ्यास में अमेरिकी नौसेना का विशाल कैरियर स्ट्राइक ग्रुप समुद्र में आगे बढ़ रहा था. इस बेड़े के बीचों-बीच यूएसएस ड्विलाइट डी. आइजनहॉवर ( USS Dwight D. Eisenhower) मौजूद था, जिसकी कीमत करीब 5.5 अरब डॉलर (₹ 505,504,978,000) बताई जाती है. इस विशालकाय जहाज की दुश्मन बनी महज 80 मिलियन डॉलर में बनी हुई एक पनडुब्बी, जो डीजल से चलती है।
कैसे विशालकाय एयरक्राफ्ट को पिद्दी सी पनडुब्बी ने डुबोया?
- इस तरह के कैरियर के साथ कई सुरक्षा जहाज, हेलीकॉप्टर और निगरानी विमान चलते हैं, जो पनडुब्बियों और मिसाइलों से सुरक्षा देते हैं । लेकिन अभ्यास के दौरान रॉयल कनेडियन नेवी की एक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी चुपचाप पानी के नीचे से इस सुरक्षा घेरे में घुसने में सफल हो गई।
- यूएसएस ड्विलाइट डी. आइजनहॉवर 5.5 अरब डॉलर (₹ 505,504,978,000) का विमान है, इस पनडुब्बी की लागत करीब 80 मिलियन डॉलर (₹ 73,49,00,000) थी, जो विमानवाहक पोत की कीमत से बहुत कम थी।
- पनडुब्बी डीजल-इलेक्ट्रिक सिस्टम से चलती थी. जब यह बैटरी मोड पर चलती है तो बहुत कम आवाज पैदा करती है, जिससे इसे सोनार से पकड़ना मुश्किल हो जाता है. इसी वजह से यह धीरे-धीरे कैरियर ग्रुप के करीब पहुंच गई और समुद्र की प्राकृतिक आवाजों में छिपी रही।
- नौसैनिक अभ्यास में असली हथियारों की जगह सिमुलेशन नियम लागू होते हैं. जब पनडुब्बी उस दूरी और कोण तक पहुंच गई जहां से वह टॉरपीडो से हमला कर सकती थी, तो अभ्यास के नियमों के अनुसार उसे सफल हमला माना गया।
- इस तरह अभ्यास के परिणाम में बताया गया कि कनाडा की पनडुब्बी ने अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस ड्विलाइट डी. आइजनहॉवर को डुबो दिया।
