CJI सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी- ‘यह 100 फीसदी बर्खास्तगी का मामला है’; अहम गवाहों के बयान के बाद जमानत पर विचार के संकेत
नई दिल्ली । भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। उनकी दूसरी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने सख्त टिप्पणी की और मामले की सुनवाई चार सप्ताह के लिए टाल दी।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने संकेत दिया कि शिकायतकर्ता और अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद ही जमानत पर विचार किया जा सकता है।
CJI की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कथित तौर पर टिप्पणी की, “यह 100 फीसदी बर्खास्तगी का मामला है! आप अभी बर्खास्तगी चाहते हैं या बाद में?” अदालत की इस टिप्पणी को आरोपी अधिकारी के खिलाफ शीर्ष अदालत के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
भुल्लर की ओर से पेश वकील ने बताया कि शिकायतकर्ता और कुछ महत्वपूर्ण गवाहों से अभी पूछताछ नहीं हुई है, जबकि कुछ अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इस पर पीठ ने संकेत दिया कि अहम गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद जमानत याचिका पर विचार किया जा सकता है।
हाई कोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत
हरचरण सिंह भुल्लर ने 10 अगस्त को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा जमानत खारिज किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इससे पहले 10 अप्रैल को शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर सीधे सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें यह छूट दी थी कि यदि दो महीने के भीतर मामले की सुनवाई शुरू नहीं होती है तो वह जमानत के लिए हाई कोर्ट का रुख कर सकते हैं।
निजी बिचौलिए के जरिए रिश्वत मांगने का आरोप
मामला पिछले साल अक्टूबर में दर्ज शिकायत से जुड़ा है। आरोप है कि उस समय रोपड़ रेंज के डीआईजी पद पर तैनात भुल्लर ने सरहिंद थाने में दर्ज एक एफआईआर में अनुकूल कार्रवाई कराने के लिए निजी बिचौलिए के माध्यम से कथित तौर पर रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत के आधार पर सीबीआई ने मामला दर्ज कर 16 अक्टूबर को चंडीगढ़ में जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान एक सह-आरोपी को कथित तौर पर पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जांच के दौरान डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
विशेष CBI अदालत ने भी खारिज की थी जमानत
जनवरी में चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालत ने भी भुल्लर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली।
अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई चार सप्ताह के लिए टाल दी है। अगली सुनवाई में अहम गवाहों के बयान और जांच की स्थिति के आधार पर उनकी जमानत याचिका पर आगे विचार होने की संभावना है।
