अनुराग शर्मा बोले—हिमाचल के अधिकारों के लिए सरकार ने मजबूती से लड़ी लड़ाई
एएम नाथ। इंदौरा, 3 अक्तूबर : विकास खंड इंदौरा की 58 ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण एवं सम्मान समारोह का आयोजन शनिवार को किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि इंदौरा विधायक मलेंद्र राजन ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। पूर्व विधायक सतपाल रायजादा और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव यशवंत खन्ना भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास, सरकारी योजनाओं और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में उनकी भूमिका को लेकर मार्गदर्शन दिया गया।
हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई का किया उल्लेख
अनुराग शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सत्ता संभालने के बाद व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में काम किया है और अनाथ बच्चों, विधवा महिलाओं, एकल महिलाओं, किसानों, बागवानों तथा युवाओं के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ प्रदेश के प्राकृतिक एवं वित्तीय संसाधनों पर उसके अधिकार सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कड़छम-वांगतू जलविद्युत परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश की रॉयल्टी हिस्सेदारी 12 से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई है, जिससे करीब 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वार्षिक आय का अनुमान है।
उन्होंने वाइल्डफ्लावर हॉल मामले में सरकार को मिली कानूनी सफलता और किशाऊ बांध परियोजना सहित प्रदेश के अन्य लंबित अधिकारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी से लंबित राशि, चंडीगढ़ में हिमाचल के हिस्से, शानन परियोजना और अन्य मामलों को लेकर सरकार अपने अधिकारों के लिए प्रयासरत है।
इंदौरा विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ राजनीतिक या वोट बैंक के आधार पर नहीं, बल्कि पात्रता के आधार पर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए। पंचायत प्रतिनिधि सरकार और जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्रों में पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर गांवों के विकास, मूलभूत सुविधाओं और लोगों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास में पंचायतों की भूमिका अहम है और पारदर्शिता के साथ सभी वर्गों को साथ लेकर चलना जरूरी है।
2032 तक समृद्ध हिमाचल का लक्ष्य
अनुराग शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2032 तक हिमाचल को देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि सरकार के अनुसार वर्ष 2022-23 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 2,14,952 रुपये थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2,83,626 रुपये हो गई है।
इस अवसर पर एएसपी धर्म चंद वर्मा, एसडीएम डॉ. सुरेंद्र ठाकुर, खंड विकास अधिकारी सुदर्शन सिंह, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दविंद्र मनकोटिया, प्रधान जर्म सिंह ठाकुर, भोपाल कटोच, सुनीता कटोच, विजय कुमार, विजेंद्र पठानिया सहित विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
