रोहित जसवाल। ऊना, 8 अक्टूबर। दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में हिमाचल कांग्रेस ने गुरुवार को ऊना में प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), कथित ‘वोट चोरी’ और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। पार्टी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की।
‘काला दिवस’ के रूप में मना रही कांग्रेस : पाटिल
रजनी पाटिल ने कहा कि कांग्रेस आज के दिन को पूरे देश में ‘काला दिवस’ के रूप में मना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के कारण करोड़ों लोगों के मताधिकार पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि कथित वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस अपनी लड़ाई जारी रखेगी और इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी।
पाटिल ने आरोप लगाया कि वोटों में हेरफेर के जरिए सरकारें बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और मतदाता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ FIR की बात
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पूरे हिमाचल प्रदेश में चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि ऊना में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को कांग्रेस जनता के बीच लेकर जाएगी। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता के अधिकारों की रक्षा जरूरी है।
दिल्ली में हिरासत के विरोध में प्रदर्शन
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दिल्ली में 6 और 7 अक्टूबर को चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। 7 अक्टूबर को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। हिमाचल कांग्रेस ने दिल्ली की कार्रवाई के विरोध में प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का आह्वान किया था।
ऊना में हुए प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया।
