चंडीगढ़। पेरिस यात्रा से लौटने के दौरान दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रोके जाने के मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नया आरोप लगाया है। मान का दावा है कि उन्हें करीब तीन घंटे तक रोकने के पीछे राजनीतिक बदले की भावना हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आम आदमी पार्टी के लगातार विरोध के कारण कस्टम अधिकारियों ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग के प्रमुख अधिकारी मनीष कुमार, ज्ञानेश कुमार के सगे भाई हैं और उन्होंने कथित तौर पर इस घटनाक्रम का इस्तेमाल उनसे बदला लेने तथा उनकी छवि खराब करने के लिए किया। हालांकि, ज्ञानेश कुमार और मान द्वारा बताए गए मनीष कुमार के बीच रिश्ते की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस आरोप के समर्थन में भी फिलहाल कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है।
आप ने 50 हजार रुपये का चालान काटने का किया था दावा
इससे पहले आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया था कि पेरिस से लौटने पर भगवंत मान को एयरपोर्ट पर रोका गया और उनके सामान की जांच के बाद 50 हजार रुपये का चालान काटा गया। पार्टी ने कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए दावा किया था कि कस्टम अधिकारी कथित तौर पर दबाव में काम कर रहे थे। इन आरोपों और कार्रवाई की परिस्थितियों पर कस्टम विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है।
अकाली दल ने भी उठाए सवाल
इस मामले में शिरोमणि अकाली दल ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए दावा किया कि भगवंत मान और उनकी पत्नी को निर्धारित सीमा से अधिक सामान और नकदी लेकर पहुंचने के कारण रोका गया था। इस तरह एयरपोर्ट पर हुई कार्रवाई अब पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बन गई है।
पेरिस दौरे को लेकर पहले भी हुआ था विवाद
भगवंत मान की पेरिस यात्रा भी पहले चर्चा में रही थी। मुख्यमंत्री को केंद्र सरकार से यात्रा की अनुमति नहीं मिलने के बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया था। अदालत से अनुमति मिलने के बाद वह पेरिस गए थे। अब वापसी के दौरान एयरपोर्ट पर रोके जाने की घटना को लेकर मुख्यमंत्री और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री के आरोप, आम आदमी पार्टी का दावा और अकाली दल की प्रतिक्रिया सामने आई है। कस्टम विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया तथा संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना घटनाक्रम के पीछे की वजह को अंतिम रूप से स्थापित नहीं माना जा सकता।
