एएम नाथ। शिमला । विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया। शिमला, मंडी, हमीरपुर, ऊना और धर्मशाला समेत विभिन्न जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैलियां निकालकर उपायुक्तों के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपे। प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं।
मंडी में कांग्रेस भवन से डीसी कार्यालय तक रैली
मंडी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन से सेरी मंच होते हुए उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकाली। कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे और विभिन्न संदेशों वाली तख्तियां लेकर नारेबाजी की। रैली के बाद कांग्रेस पदाधिकारियों ने उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ने किया। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर कांग्रेस देशभर में विरोध कर रही है। सोहन लाल ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के कारण देश में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए गए हैं और इससे लोगों के मताधिकार पर असर पड़ा है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
एसआईआर पर कांग्रेस और निर्वाचन आयोग का अलग-अलग पक्ष
कांग्रेस एसआईआर की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठा रही है। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग एसआईआर को मतदाता सूचियों की शुद्धता सुनिश्चित करने और पात्र मतदाताओं को शामिल करने तथा अपात्र, मृत, स्थानांतरित या दोहराव वाले नामों को हटाने की प्रक्रिया के रूप में बताता है।
निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर SIR-2026 के तहत मतदाता अपना नाम पिछली एसआईआर सूची में खोजने और संबंधित दस्तावेज जमा करने की सुविधा का उपयोग कर सकते हैं।
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और निर्वाचन आयोग के बीच मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया, नामों के विलोपन और पात्र मतदाताओं के अधिकारों को लेकर अलग-अलग दावे और तर्क सामने आ रहे हैं। ऐसे में मतदाता सूची से संबंधित किसी भी आंकड़े या दावे का आकलन आधिकारिक निर्वाचन रिकॉर्ड और संबंधित राज्य की मतदाता सूची के आधार पर किया जाना जरूरी है।
