कंगना रनौत के बयान पर सियासी उबाल : किसानों को भाजपा सांसद द्वारा बलात्कारी और विदेशी ताकतों का नुमाइंदा कहना भाजपा की किसान विरोधी नीति और नीयत का एक और सबूत – राहुल गांधी

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के किसानों से जुड़े विवादित बयान से सियासी बवाल मचा हुआ है. संयुक्त किसान मोर्चा के अलावा कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य दल कंगना के बयान को लेकर बीजेपी पर जमकर हमला कर रहे हैं. कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि यदि बीजेपी अपनी सांसद की टिप्पणियों से असहमत है तो उन्हें पार्टी से बाहर करे. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा पार्टी नेता राहुल गांधी ने भी कंगना का नाम लिए बगैर उनकी आलोचना की है और कहा है कि किसानों से किए वादों को पूरा करने में नाकाम मोदी सरकार का दुष्प्रचार तंत्र लगातार किसानों का अपमान करने में जुटा हुआ है.

राहुल गांधी की पोस्ट : राहुल गांधी ने एक्स पर लिखी अपनी पोस्ट में आगे कहा, ‘378 दिन चले मैराथन संघर्ष के दौरान 700 साथियों का बलिदान देने वाले किसानों को भाजपा सांसद द्वारा बलात्कारी और विदेशी ताकतों का नुमाइंदा कहना भाजपा की किसान विरोधी नीति और नीयत का एक और सबूत है. ये शर्मनाक किसान विरोधी बोल पश्चिमी उत्तरप्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत पूरे देश के किसानों का घोर अपमान है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता.’
उन्होंने कहा,’किसान आंदोलन वापस लेते समय बनी सरकारी समिति आज भी ठंडे बस्ते में है, MSP पर सरकार अपना रूख आज तक साफ नहीं कर सकी, शहीद किसानों के परिवारों को किसी तरह की राहत नहीं दी गयी और ऊपर से लगातार उनका चरित्र हनन जारी है. अन्नदाताओं का निरादर और उनके मान सम्मान पर हमला करने से किसानों से किया गया मोदी सरकार का धोखा छुप नहीं सकता. नरेंद्र मोदी और भाजपा कितनी भी साजिश कर लें – INDIA किसानों को MSP की कानूनी गारंटी दिलवा कर रहेगा.’
खड़गे भी हुए हमलावर :
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कंगना के बयान को लेकर बीजेपी और पीएम मोदी को घेरा है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘खुद प्रधानमंत्री मोदी जी ने भरी संसद में किसानों को “आंदोलनजीवी” और “परजीवी” की अपमानजनक संज्ञा दी थी… यहां तक की संसद में शहीद किसानों के लिए दो मिनट का मौन रखने से भी इंकार कर दिया. मोदी जी ने MSP पर कमेटी और किसान की आय दोगुनी करने का झूठा वादा भी किया था. जब मोदी जी ये सब खुद कर सकते हैं तो उनके समर्थकों से शहीद किसानों के अपमान के सिवा देश और क्या उम्मीद रख सकता है! ये शर्मनाक और घोर निंदनीय किसान-विरोधी विचारधारा मोदी सरकार का DNA है.’
टिकैत का बयान :
किसान नेता राकेश टिकैत ने कंगना के बयान की आलोचना करते हुए कहा, ’13 माह चले किसान आंदोलन में400 किसान संगठन, लाखों किसानों की मौजूदगी के बावजूद हिंसा नहीं हुई.700 से अधिक किसान शहीद हुए लेकिन किसानों ने संयम नहीं खोया. बिल वापस हुए. उसके बारे में बीजेपी सांसद कंगना रनौत का बयान शहीद किसानों और देश के करोड़ों किसानों का अपमान है.’

भाजपा ने किया बयान से किनारा

वहीं भाजपा ने कंगना रनौत के उस बयान से असहमति जताते हुए किनारा कर लिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पंजाब में किसान आंदोलन के नाम पर उपद्रवी हिंसा फैला रहे थे और वहां बलात्कार तथा हत्याएं हो रही थीं. भाजपा के केंद्रीय मीडिया विभाग की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, पार्टी ने मंडी की सांसद को हिदायत भी दी कि वह इस प्रकार के कोई बयान भविष्य में न दें.

बयान में कहा गया, ‘भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा किसान आंदोलन के परिप्रेक्ष्य में दिया गया बयान, पार्टी का मत नहीं है। भाजपा कंगना रनौत के बयान से असहमति व्यक्त करती है. पार्टी की ओर से, पार्टी के नीतिगत विषयों पर बोलने के लिए कंगना रनौत को न तो अनुमति है और न ही वे बयान देने के लिए अधिकृत हैं. भाजपा की ओर से कंगना रनौत को निर्देशित किया गया है कि वे इस प्रकार के कोई बयान भविष्य में न दें.’

क्या था कंगना का बयान
एक अखबार को इंटरव्यू में कंगना ने कहा था कि पंजाब में किसान आंदोलन के नाम पर उपद्रवी हिंसा फैला रहे थे और वहां बलात्कार तथा हत्याएं हो रही थीं. रनौत ने इस साक्षात्कार में यह भी कहा था कि अगर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व मजबूत नहीं रहता, तो किसान आंदोलन के दौरान पंजाब को भी बांग्लादेश बना दिया जाता. उन्होंने कहा था कि तीन विवादास्पद कृषि विधेयकों को वापस ले लिया गया, नहीं तो ‘इन उपद्रवियों’ की बहुत लंबी योजना थी और वे देश में कुछ भी कर सकते थे.

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