कलठा गांव के रविन्द्र ने फूलों की खेती कर चुनी स्वरोजगार व आत्मनिर्भरता की राह : हिमाचल पुष्प क्रांति योजना व एकीकृत बागवानी विकास मिशन बने सहायक

by
एएम नाथ। गोहर  : खेतीबाड़ी में रूचि तथा पारम्परिक खेती से हटकर कार्य करने की पहल ने गोहर क्षेत्र के रविंद्र को आत्मनिर्भरता की राह दिखाई। फूलों की खेती से हर व र्ष लाखों रुपए की आय के साथ ही उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी प्रदान किया है। यह सब संभव हुआ प्रदेश सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से।
उपमंडल गोहर के कलठा गाँव के निवासी रविन्द्र कुमार का कहना है कि पहले वह अपने बुजुर्गों की तर्ज पर पारम्परिक खेती-बाड़ी ही किया करते थे। उनकी रूचि खेती-किसानी में अत्याधिक थी, इसलिए उन्होंने बागवानी विभाग के अधिकारियों से मिलकर पारम्परिक खेती को आधुनिक खेती में बदलने का संकल्प लिया। विभाग ने उन्हें पॉलीहाउस लगाकर फूलों की खेती करने का सुझाव दिया।
रविन्द्र ने शुरू में एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत वर्ष 2017-18 में 1250 वर्ग मीटर पर पॉलीहाउस स्थापित कर कार्नेशन फूलों की खेती शुरू की। फूलों की अच्छी फसल आने और बाजार में अच्छे दाम मिलने पर उन्होंने हिमाचल पुष्प क्रांति योजना के तहत भी 500 वर्ग मीटर भूमि पर पॉलीहाउस लगाया और कार्नेशन की खेती शुरू की। वर्तमान में रविन्द्र लगभग 1750 वर्ग मीटर भूमि पर इन फूलों की खेती कर रहे हैं।
हिमाचल पुष्प क्रांति योजना के तहत वर्ष भर उच्च मूल्य वाले फूलों की संरक्षित खेती करने के लिए पॉलीहाउस तकनीक का प्रशिक्षण किसानों को दिया जाता है। इसके अतिरिक्त ग्रीन हाउस, शेड नेट हाउस जैसी विधियां अपना कर फूलों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इससे किसान राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय मंडी में माँग के अनुसार विदेशी फूलों का उत्पादन करने में सक्षम हो रहे हैं। युवाओं को फूलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फूल परिवहन के लिए बस किराए में 25 प्रतिशत की छूट और बेसहारा पशुओं से खेतों को सुरक्षित रखने के लिए सोलर बाड़ लगाने पर लागत पर 85 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाती है।
हिमाचल पुष्प क्रांति योजना के तहत पॉलीहाउस के निर्माण के लिए 85 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है और सिर्फ 15 प्रतिशत किसान को खर्च करना पड़ता है। इसी प्रकार एकीकृत बागवानी विकास मिशन बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें फूलों की खेती के लिए 50 प्रतिशत उपदान का प्रावधान है। प्रधानमंत्री कृषक योजना के तहत उन फूलों की सिंचाई के लिए ड्रिप ईरीगेशन के तहत 80 फीसदी सब्सिडी दी जाती है।
बागवानी विभाग द्वारा रविन्द्र कुमार को एकीकृत बागवानी मिशन के तहत 12.50 लाख रुपए का उपदान पॉली हाउस निर्माण के लिए प्रदान किया गया तथा कार्नेशन फूलों की प्लांटेशन के लिए 4.52 लाख रुपए की सब्सिडी भी प्रदान की गई। हिमाचल पुष्प क्रांति योजना के तहत भी उन्हें 85 प्रतिशत सब्सिडी के तहत 6.50 लाख रुपए प्रदान किए गए जबकि फूलों की प्लांटेशन के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी के तहत 1.50 लाख प्रदान किए गए।
रविन्द्र कुमार बताते हैं कि कार्नेशन फूल चंडीगढ़, दिल्ली जैसे शहरों में भेजे जा रहे हैं। इन फूलों की बिक्री से प्रतिवर्ष वे 11 से 12 लाख रुपए तक की आमदनी प्राप्त कर लेते हैं। फूलों की खेती के बेहतर परिणाम आने पर वे आत्मनिर्भर तो बने ही, साथ ही गांव के चार से पांच लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रहे हैं। उनसे फूलों की छंटाई-कटाई, पैकिंग जैसे कार्यों में मदद मिल रही है। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी आग्रह किया कि वे सरकार द्वारा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जा रही इन योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ें।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

नौशहरा पंचायत में विकास कार्यों को मिलेगी और गति : विधायक कमलेश ठाकुर

एएम नाथ। देहरा, 17 नवंबर : प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास एवं पंचायतों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए व मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। यह बात...
article-image
हिमाचल प्रदेश

गुणात्मक, संस्कारयुक्त और रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करना मूल उद्देश्य : स्कूल की चारदीवारी में बनता है बच्चों का भविष्य : कृषि मंत्री चन्द्र कुमार

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ज्वाली के वार्षिक समारोह में नवाज़े बच्चे ज्वाली, 6 जनवरी : कृषि मंत्री व पशुपालन मंत्री प्रोoचंद्र कुमार ने कहा कि बच्चों का भविष्य स्कूल की चारदीवारी में बनता है।...
article-image
हिमाचल प्रदेश

टांडा मेडिकल कालेज में 8 करोड़ की लागत से बनेगा वर्किंग वूमेन हाॅस्टल: बाली

नर्सिंग स्कूल होगा स्तरोन्नत 2 करोड़ सात हजार होंगे खर्च,  सीनियर सिटीजन के लिए 2 करोड़ की लागत से बनेगा अस्पताल एएम नाथ। धर्मशाला, नगरोटा, 17 मई। पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस...
article-image
हिमाचल प्रदेश

प्रदेश में 25 नेशनल हाईवे का काम चल रहा, जिनकी कुल लंबाई 2,592 किलोमीटर ..एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने : अधिकारी को पीटने के मामले में केन्द्री मंत्री की कड़ी टिप्पणी

इम5 नाथ । बिलासपुर : केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को बचत भवन बिलासपुर में राज्य में चल रही एनएचएआई की परियोजनाओं की प्रगति के संबंध में अधिकारियों...
Translate »
error: Content is protected !!