कोविड वॉरियर्स को दी गई तीन माह की एक्सटेंशन खत्म : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मांग की कि प्रदेश सरकार कोविड वारियर की सेवाएं तत्काल बहाल कर उनका लंबित वेतन जारी करें

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शिमला/कांगड़ा : हिमाचल के अस्पतालों में सेवाएं दे रहे कोविड वॉरियर्स को दी गई तीन माह की एक्सटेंशन खत्म हो गई है। सरकार ने इनको 30 सितंबर तक की एक्सटेंशन दी थी, इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह भी साफ कर दिया गया था कि उनको 30 सितंबर के बाद एक्टेंशन नहीं दी जाएगी। ऐसे में कर्मचारी अब फिर से मुख्यमंत्री के सामने एक्सटेंशन देने की गुहार लगाएंगे।
प्रदेश में कोरोना महामारी के दौरान 1,891 आउटसोर्स कर्मियों की अस्पतालों में तैनाती की गई थी। इनमें स्टाफ नर्स, डाटा एंटी ऑपरेटर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अलावा अन्य श्रेणी के कर्मी शामिल हैं । मौजूदा सरकार के समय में इनका अनुबंध कार्यकाल पहले मार्च में खत्म हो गया था, जिसके बाद सरकार ने तीन माह के लिए इसमें एक्सटेंशन दी जो कि 30 जून को खत्म हो गई थी। इसके बाद सरकार ने फिर से तीन माह की एक्टेंशन 30 सितंबर तक दी थी, लेकिन साथ में यह भी साफ कर दिया था कि उनको अब आगे एक्सटेशन नहीं दी जाएगी।
कोविड कॉल में रखे ये कर्मचारी अब सरकार नौकरी बहाल करने की मांग कर रहे हैं। इन कर्मचारियों का कहना है कि जब कोविड मरीजों से मिलने से भी लोग कतराते थे तब वो अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की देखभाल सहित अन्य कार्य करते थे। तब उनको कोविड वॉरियर्स की श्रेणी में रखा गया था, लेकिन अब जबकि कोविड खत्म हो गया है तो उनको नौकरी खत्म कर दी गई है।
टांडा अस्पताल में पिछले तीन सालों से कार्यरत कोविड आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। दरअसल, प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य महकमे में बतौर कोविड वॉरियर्स के रूप में आउटसोर्स पर अपनी सेवाएं दे रहे 300 कर्मचारियों को आज अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी है। इससे पहले प्रदेश सरकार ने इनके कार्यकाल को तीन महीनों तक बढ़ा दिया था, जो आज 30 सितंबर को खत्म हो गया है। अब कोविड वारियर्स को अपने और अपने बच्चों की भविष्य की चिंता सताने लगी है।
टांडा मेडिकल कॉलेज में काम करने वाले कोविड स्टाफ की मानें तो बीते तीन साढ़े तीन सालों में उन्होंने स्वास्थ्य संस्थान में हर वो काम किया, जिसकी विभाग को जरूरत महसूस हुई और आज अचानक से उन्हें बेरोजगार करके घर भेज दिया जा रहा है, ऐसे हालातों में उन्हें कुछ भी समझ नहीं आ रहा कि वो करें भी तो क्या करें।
हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग आउटसोर्स कर्मचारी संघ अध्यक्ष कमलजीत डोगरा : स्वास्थ्य विभाग में कोविड के समय में रखे गए कर्मचारियों की शनिवार को एक्सटेंशन खत्म हो गई है। इससे इन कर्मचारियों की नौकरी चली गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में स्टाफ की कमी है, इनकी जगह इन कर्मचारियों की सेवाएं ली जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि जल्द वे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलकर यह मांग करेंगे कि अस्पतालों में रिक्त पदों पर इन कर्मचारियों की सेवाएं ली जाए।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर
नेता प्रतिपक्ष एवम पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर : मंडी में कहा कि प्रदेश सरकार कोविड वारियर की सेवाएं तत्काल बहाल कर उनका लंबित वेतन भी शीघ्र जारी करें। एक तरफ हमारी सरकार ने इनकी सेवाएं जारी रखने का निर्णय लिया था तो दूसरी ओर इस सरकार ने उन्हें नौकरी से ही बाहर कर विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि ये सरकार झूठे वादे करके सत्ता में आई और अब इनके दावों की पोल खुलती नज़र आ रही है। उन्होंने बताया कि कोविड वारियर को नोटिस देकर चेताया गया कि आज उनका अंतिम दिन है और उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं हैं।

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