खुदाई से पूर्व ‘सीबीयूडी’ एप के माध्यम से सूचना देना अनिवार्य : विभागों और निर्माण एजेंसियों को ‘सीबीयूडी’ एप के प्रयोग का दिया जाएगा प्रशिक्षण : DCअपूर्व देवगन

by
एएम नाथ। मंडी, 21 जून।  भूमिगत आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए ‘सीबीयूडी’ (Call Before u Dig) एप के बारे में जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु आज मंडी में उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों, निर्माण एजेंसियों और संबंधित हितधारकों ने भाग लिया।
उपायुक्त ने बताया कि खुदाई कार्य आरंभ करने से पूर्व संबंधित विभागों को सूचना देना अब अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि भूमिगत जलापूर्ति पाइपों, गैस पाइपलाइन , विद्युत केबल और संचार केबल को क्षति से बचाया जा सके। उन्होंने जानकारी दी कि मंडी जिले में अभी तक लोक निर्माण विभाग द्वारा केवल तीन और केंद्रीय संस्थानों द्वारा 48 सूचनाएं ही इस एप पर दर्ज की गई हैं। उन्होंने बताया की सभी विभागों और निर्माण एजेंसियों को ‘सीबीयूडी’ एप के प्रयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही आम जनता के लिए भी विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी खुदाई कार्य सुरक्षित और नियमों के अनुरूप हों।
क्या है ‘सीबीयूडी’ एप?
यह ए प दूरसंचार विभाग, भारत सरकार की एक नवाचारी पहल है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति या संस्था खुदाई कार्य शुरू करने से पूर्व उस क्षेत्र में स्थित भूमिगत संरचनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकता है। एप में खुदाई का विवरण दर्ज करने पर संबंधित विभागों को स्वतः सूचना भेज दी जाती है, और उपयोगकर्ता को आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त होते हैं।
उल्लंघन पर कठोर दंड
एचपीएलएसए ग्रामीण निदेशक चंद्रभान यादव ने जानकारी दी कि बिना सूचना के खुदाई करना अब दूरसंचार अधिनियम 2023 के तहत दंडनीय अपराध है। इस अधिनियम के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति भूमिगत केबल को क्षति पहुँचाता है, तो उसे तीन वर्ष तक का कारावास, 2 करोड़ जुर्माना अथवा दोनों सजा दी जा सकती है। साथ ही, यदि आर्थिक क्षति होती है तो उसकी भरपाई भी उसी व्यक्ति से की जाएगी।
बैठक में जिला विकास अधिकारी ग्रामीण गोपी चंद पाठक, जिला राजस्व अधिकारी हरीश शर्मा, डीएसपी दिनेश कुमार, डीजीएम बीएसएनएल अनिल महंत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। विभिन्न विभागों के अधिकारी वर्चुअली भी इस बैठक से जुड़े।
All reactions:

13

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब , समाचार , हिमाचल प्रदेश

नशे के खिलाफ अभियान को शासन, प्रशासन और समाज के सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा : राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल

हरोली से कांगड़ तक आयोजित ब्रिस्क वॉक को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना, पैदाल यात्रा कर दिया नशे के खिलाफ जन जागरण का संदेश नशे के कारोबार में संलिप्त व्यक्ति को कोई समर्थन नहीं...
article-image
हिमाचल प्रदेश

हिमाचल भवन को नीलाम करने के आदेश सरकार के लिए दुर्भाग्यपूर्ण – सचिवालय और विधानसभा तक ऐसी नौबत न आए : जयराम ठाकुर

शिमला। हिमाचल हाईकोर्ट ने दिल्ली स्थित राज्य सरकार के हिमाचल भवन  की संपत्ति को अटैच करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने सेली हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी लिमिटेड  को...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

शूलिनी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र की आत्महत्या से हंगामा : सुसाइड नोट ने खड़े किए बड़े सवाल

हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित शूलिनी विश्वविद्यालय से एक दुखद खबर सामने आई है. यहां के एक पूर्व छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, जिसके बाद पूरे परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो...
article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

सतलोक आश्रम के प्रमुख संत रामपाल को मिली जमानत : 11 साल से अधिक समय से हिसार केंद्रीय कारागार में थे बंद

चंडीगढ़ : हिसार जिले के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम के प्रमुख रामपाल को जमानत मिल गई है। देशद्रोह के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे रामपाल 11 साल से अधिक समय से हिसार...
Translate »
error: Content is protected !!