पट्टा मेहलोग, 14 जुलाई (तारा) :-सरकारी विभागों के लिए भवन,वाहनों के लिए पुल व आम नागरिकों की सुविधा के लिए वर्षा शालिका व सड़कें बनाने वाले लोनिवि के पास करोड़ों रूपऐ की लागत से खरीदे गए सरिए व अन्य भवन निर्माण सामग्री रखने के लिए अपने स्टोर रूम तक नही है। आलम यह है कि विभिन्न प्रकार के निर्माण कार्यों के लिए करोड़ों रुपए की लागत से खरीदा गया विभिन्न ग्रेड का सरिया सड़क के किनारे वर्षों से खुले आसमान के नीचे पड़ा जंग खा रहा है। हालांकि प्रस्तावित निर्माण कार्यों व आंबटित निविदाओं के अनुसार समय समय पर विभाग द्वारा ठेकेदारों को निर्माण कार्यों के लिए यह सरिया यहां से विभाग के कर्मियों की मौजुदगी में इशु किया जाता है। लेकिन जंग लगे इस सरिये की मजबूती व इससे निर्माण किए जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। बताते चलें कि लोनिवि मण्डल कसौली व उप मण्डल चंडी के तहत कुठाड़ के निकट शामाघाट में विभाग ने वर्षों से यह सरिया खुले स्थान में रखा है। हालाकिं ,विभाग द्वारा यहां एक छोटा टीन का शेड बनाया गया है जिसमे इस सरिए के इलावा अन्य सामग्री व विभागीय गाड़ियों की रखवाली के लिए रात्रि में दो लोगों को तैनात किया है, परन्तु हैरानी इस बात की है कि वर्षों से विभाग न तो यहां चौकीदार के लिए पक्के कमरे बना पाया व न ही करोड़ों रुपए के सरिए को रखने के लिए स्टोर रूम, नतीजन बहुमंजिले भवनों व बड़े बड़े पुलों व अन्य निर्माण कार्यों में जंग वाला सरिया प्रयोग किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि जंग लग चुके सरिए से निर्मित कार्यों को सुरक्षा व टिकाऊपन की दृष्टि से संतोषजनक नही माना जा सकता, लेकिन सरकारी कार्यों में इसके प्रयोग पर कोई मनाही नही है।
अक्सर इस स्थान से विभाग के छोटे व बड़े अधिकारी वाहनों में गुजरते हैं लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद भी आज तक किसी आला अधिकारी ने यहां स्टोर रूम या शेड बनाने की कोशिश नही की है।
उधर, लोक निर्माण विभाग मंडल कसौली के अधिशासी अभियंता गुरविंदर राणा ने बताया कि यह सरिया वर्ष 2013 के दौरान खरीदा गया था। अक्सर विभाग सरिए को प्रयोग करने से पूर्व टेस्ट करवाता है तभी इसका प्रयोग भवनों व पुलों के निर्माण में इस्तेमाल किया जाता है।लेकिन जंग लगे सरिये को नहीं लगाया जा सकता।विभाग के पास सरिया रखने का कोई स्टोर वर्तमान में नहीं है।
