हरपाल चीमा के आवास घेराव निकले कांग्रेसियों पर चंडीगढ़ पुलिस ने बरसाई पानी की बौछारें; बैरिकेड पर चढ़े वड़िंग, धक्का-मुक्की के बाद करीब एक घंटे हिरासत में रहे नेता
चंडीगढ़। संगरूर के तूर बंजारा गांव निवासी दलित दिहाड़ी मजदूर गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में पंजाब कांग्रेस ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास का घेराव करने निकले कांग्रेसियों को चंडीगढ़ पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन चलाकर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया।
रोष मार्च की अगुवाई पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत वरिष्ठ नेताओं ने की। पुलिस ने पायलट, वड़िंग, चन्नी सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया। करीब एक घंटे बाद सभी को रिहा कर दिया गया।
बैरिकेड पर चढ़े वड़िंग, वाटर कैनन से तितर-बितर किए कांग्रेसी
वित्त मंत्री के आवास की ओर बढ़ने से पहले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर जनसभा की। इसके बाद पायलट की अगुवाई में सभी नेता आवास की ओर रवाना हुए। कुछ दूरी पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता रोक दिया।
कांग्रेस कार्यकर्ता आगे बढ़ने पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग बैरिकेड पर चढ़ गए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और पानी की तेज बौछारों से प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया। टकराव में कुछ पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं को मामूली चोटें आने की भी जानकारी है।
पायलट बोले- पंजाब में नशे की होम डिलीवरी
प्रदर्शन से पहले सचिन पायलट ने पंजाब में नशे की स्थिति को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशे की ‘होम डिलीवरी’ तक हो रही है। पायलट ने कहा कि कांग्रेस का वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ कोई निजी मामला नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि यदि किसी व्यक्ति ने अपने अंतिम बयान में मंत्री का नाम लिया है तो क्या कानून के अनुसार एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच नहीं होनी चाहिए?
पायलट ने आरोप लगाया कि गुलजार सिंह की मौत पंजाब में नशे की गंभीर स्थिति को सामने लाती है। उन्होंने कहा कि सरकार के दावों और जमीन पर दिखाई दे रही स्थिति में अंतर है।
पायलट की मौजूदगी में एक मंच पर दिखे कांग्रेस के धड़े
प्रदर्शन का एक राजनीतिक पहलू भी खास रहा। लंबे समय से अलग-अलग खेमों में नजर आने वाले राजा वड़िंग, चरणजीत सिंह चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई वरिष्ठ नेता एक ही मंच पर दिखाई दिए।
चन्नी और वड़िंग की लंबे अंतराल के बाद एक मंच पर मौजूदगी को पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सचिन पायलट की मौजूदगी में नेताओं की यह एकजुट तस्वीर उनकी शुरुआती रणनीतिक सफलता के तौर पर देखी जा रही है। हालांकि, यह मंचीय एकता आगे चलकर स्थायी राजनीतिक एकजुटता में बदलती है या नहीं, इसकी परीक्षा आने वाले दिनों में होगी।
क्या है गुलजार सिंह आत्महत्या मामला?
बताया गया है कि संगरूर के तूर बंजारा गांव निवासी गुलजार सिंह ने 6 सितंबर को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के एक कार्यक्रम में गांव में कथित रूप से खुलेआम बिक रहे नशे और अपने बेटे की नशे की लत को लेकर सवाल उठाया था।
आरोप है कि इसके बाद गुलजार पर माफी मांगने और कथित तौर पर अपमानित किए जाने का दबाव बनाया गया। बाद में उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी मौत से पहले का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कुछ लोगों के नाम लिए थे।
पुलिस ने इस मामले में सरपंच समेत पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गुलजार सिंह की मौत से जुड़े सवालों का निष्पक्ष जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से मामले की पारदर्शी जांच कराने और नशे की समस्या पर ठोस कार्रवाई करने की मांग की।
मंगलवार का प्रदर्शन केवल गुलजार सिंह मामले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सचिन पायलट के नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस ने इसे सरकार की नशा-विरोधी नीति और कानून-व्यवस्था के खिलाफ बड़े राजनीतिक हमले के रूप में पेश किया।
