बीबीएन, 11जून (तारा,) : राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान (एन.आई.एस.डी.) के सहयोग से सेक्टर-31 स्थित पीएचडी चैंबर में उम्मीद संस्था तथा उसकी अन्य सहयोगी संस्थाओं द्वारा कार्यशाला आयोजित की गई। चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव राजेश प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित उक्त कार्यशाला में सिटी ब्यूटीफुल के मंदिरों के बाहर तथा चौराहों पर भीख मांग कर अपना पेट भरने को नौनिहालों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने हेतू एक बड़ा लाइफ चेंजिंग मॉडल तैयार किया गया। मुख्य सचिव ने बद्दी उपमंडल के सीनियर सैकेंडरी स्कूल घरेड़ से बतौर प्रिंसीपल से रिटायर हुए डॉ. कर्म चन्द की रचना वसुधैव कुटुंबकम की सराहना की तथा कहा कि यह समाज में व्याप्त कुरीतियों/कुप्रथाओं पर कुठाराघात करके जन मानस में आपसी प्यार-भाव एवं सदभाव की अलख जगाती है। उन्होंने बताया कि उम्मीद संस्था ने चंडीगढ़ में 49 बच्चों को शिक्षा से जोड़ा और 15 को रोजगार उपलब्ध करवाकर स्वाभिमान से जीवन जीने के काबिल बनाया।
प्रसाद ने सिटी ब्यूटीफुल को 01 नवंबर 2026 तक पूरी तरह भिखारी मुक्त बनाने के इन संस्थाओं के लक्ष्य को हासिल करने में चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उम्मीद संस्था के साथ अरविंद मेहता मेमोरियल ट्रस्ट भी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रहा है और डॉ. कर्मचंद उक्त ट्रस्ट के सक्रिय सदस्य हैं, जो कि अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों/असमानताओं के प्रति आवाज उठा रहे हैं। उनकी रचना वसुधैव कुटुंबकम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह मानव जाति में आपसी भाईचारा,सहयोग, अहिंसा की भावना पैदा करने, समस्याओं का हल आपसी विचार-विमर्श एवं संवाद से करने तथा हमें युद्ध से दूर रहने के लिए प्रेरित करती है। क्योंकि मानवता के विरुद्ध गलत सोच भी मानव जाति के प्रति अभिशाप एवं घृणित कार्य कहलाती है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सब का सामूहिक दायित्व है, जो कि पांच तत्वों के मिश्रण से बना है और इन्हीं पांच तत्वों से ही मानव शरीर की उत्पति हुई है।
मुख्य अतिथि ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन सिटी ब्यूटीफुल को नीट, क्लीन एंड ग्रीन बनाए रखने हेतू पुरजोर प्रयास कर रहा है, जिसमें शहरवासियों का सहयोग अति जरूरी है। डॉ. कर्मचंद ने मंच पर बैठी शख्सियतों को वसुधैव कुटुंबकम की सदभावना प्रति भेंट की। मुख्यातिथि ने इस पुस्तक को संसार में घटित समस्याओं के समाधान हेतु एक बहुमूल्य कृति बताया।
