मुख्य वास्तुकार एवं मुख्य अभियंता ने दिल्ली में पीपीपी मॉडल आधारित मल्टी-लेवल पार्किंग परियोजनाओं का किया अध्ययन, स्मार्ट चंडीगढ़ के लिए स्मार्ट पार्किंग
पुनीत महाजन : चंडीगढ़, 13 जून। चंडीगढ़ में बढ़ती पार्किंग समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी, यू.टी. चंडीगढ़ के मुख्य वास्तुकार राजीव कुमार मेहता तथा नगर निगम चंडीगढ़ के मुख्य अभियंता संजय अरोड़ा ने नई दिल्ली का दौरा कर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित सफल मल्टी-लेवल पार्किंग परियोजनाओं का अध्ययन किया।
यह दौरा पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक के निर्देशों के अनुरूप किया गया, जिसका उद्देश्य शहर के लिए टिकाऊ, आधुनिक और प्रभावी पार्किंग समाधानों की पहचान करना था।
प्रतिनिधिमंडल ने बाबा खड़क सिंह मार्ग, सरोजिनी नगर, ग्रेटर कैलाश-1 सहित विभिन्न स्थानों पर स्थापित अत्याधुनिक मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधाओं का निरीक्षण किया। साथ ही डीडीए (DDA), एमसीडी (MCD) और एनडीएमसी (NDMC) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा भी की गई।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने डीडीए के वित्त सदस्य चेतन राव, निदेशक (वर्क्स) अमित सिंह तथा मुख्य वास्तुकार सुश्री हरलीन बहल से मुलाकात कर ऐसी परियोजनाओं की योजना, क्रियान्वयन प्रक्रिया तथा वित्तीय व्यवहार्यता के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
अध्ययन के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने रोबोटिक पार्किंग सिस्टम, मैकेनाइज्ड पार्किंग समाधान, स्मार्ट पार्किंग प्रबंधन तकनीकों तथा पीपीपी मॉडल पर आधारित विभिन्न कार्यान्वयन व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। यह पाया गया कि इन आधुनिक पार्किंग सुविधाओं ने व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों में सड़क किनारे होने वाली पार्किंग को काफी हद तक कम किया है तथा यातायात जाम की समस्या पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है।
मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि चंडीगढ़ में वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अब शहर को नवीन एवं तकनीक आधारित पार्किंग अवसंरचना अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सुव्यवस्थित मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधाएं न केवल यातायात प्रवाह को बेहतर बनाएंगी, बल्कि भूमि के बेहतर उपयोग और आम नागरिकों की सुविधा को भी बढ़ावा देंगी, साथ ही चंडीगढ़ की सुनियोजित शहरी पहचान को भी सुरक्षित रखेंगी।
उन्होंने बताया कि अध्ययन दौरे के आधार पर तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट, सुझावों एवं चंडीगढ़ के लिए उपयुक्त कार्यान्वयन मॉडल सहित प्रशासन को विचारार्थ प्रस्तुत की जाएगी।
मेयर सौरभ जोशी ने कहा, “स्मार्ट पार्किंग ही अधिक स्मार्ट और गतिशील चंडीगढ़ की कुंजी है।”
