नई दिल्ली : चुनाव स्ट्रैटेजिस्ट सुनील कोनुगोलू ने हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर एक प्रेजेंटेशन (रिपोर्ट) दिया है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस पार्टी को ये संदेश देना चाहिए कि वो किसी एक इंडिविजुअल के इर्दगिर्द नहीं बल्कि खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने जा रही है. इससे पार्टी के आंतरिक गुटबाजी पर विराम लगेगा।।
कांग्रेस नेतृत्व को प्रदेश के सभी बड़े नेताओं की भूमिका को अभी से तय करना चाहिए. कानूगोलू के रिपोर्ट में तीन नेताओं का एक कॉम्बो बनाने की बात कही गई है और उन्हें अलग-अलग भूमिका देने की सिफारिश की गई है।
राणा गुरजीत: राणा गुरजीत को पार्टी अपने और अपने बेटे की सीट के अलावा आसपास के 15 से 20 सीटों को जीताने की जिम्मेदारी दी जाए । रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि गुरजीत को अपने और सुखपाल खैरा के विवाद को पीछे छोड़कर पार्टी के हित में काम करना होगा।
चरणजीत सिंह चन्नी: रिपोर्ट में चन्नी को कांग्रेस का सबसे बड़ा एसेट बताया गया है. उन्हें सबसे बड़ा क्राउड पुलर बताया गया है। रिपोर्ट में चन्नी को जालंधर और आनंदपुर साहब की सीटों की जिम्मेदारी सीधे लेने को कहा गया है। रिपोर्ट के अनुसार चन्नी अगर पूरी ताकत से चुनाव प्रचार करे तो वो 20 सीटों पर प्रभाव डाल सकते हैं। चन्नी को चुनाव प्रबंधन समिति का चेयरमैन बनाने की सिफारिश भी की गई है।
विजेंदर सिंगला : सिंगला को हिंदू वोटरों को फोकस करके महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की बात कही गई है। उन्हें मैनिफेस्टो कमेटी का हेड बनाया जा सकता है।
आप और भाजपा में मिलीभगत : कानूगोलू के रिपोर्ट में यह दावा किया गया है और यह नैरेटिव तैयार करने के लिए कहा गया है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी और भाजपा में मिलीभगत है। चुनाव के बाद बीजेपी आप को सपोर्ट कर सकती है। आम आदमी पार्टी के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी की खबर को जोरशोर से उठाना है।
रिपोर्ट में स्ट्रैटेजिक रिइंडक्शन यानी पार्टी छोड़कर गए पुराने नेताओं को उनके वोट बैंक के आधार पर दुबारा पार्टी में लाने की बात कही गई है। रिपोर्ट में कांग्रेस के 50 प्लस सीटें जीतने की बात सार्वजनिक करनी है। ये प्रचार किया जाए कि कांग्रेस अपने 40 बड़े नेताओं को चुनावी मैदान में उतार रही है. इस से सीधे 34 रिजर्व्ड सीटों पर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनेगा।
SIR पर रखें पैनी नजर रखने की सलाह : रिपोर्ट में कहा गया है कि SIR प्रोसेस पर पैनी नजर राखी जाए. डिजिटल कैडर बनाया जाए। पंजाब के 13 लोकसभा सीटों पर पार्टी को हर एक जगह की जिम्मेदारी एक बड़े नेता को अभी से दे देनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी 113 में 93 ऐसी सीट है जहां वो पिछले तीन चुनावों में से एक बार जरूर जीती है।
