10 साल से नशे की गिरफ्त में था युवक, छोटे भाई को बचाने में सफल रहे माता-पिता; कर्ज लेकर कराया था इलाज
मोगा/धर्मकोट, 26 सितंबर। मोगा के धर्मकोट क्षेत्र के गांव जलालाबाद से नशे की लत के कारण एक परिवार के 22 वर्षीय बेटे की मौत का दुखद मामला सामने आया है। मृतक की पहचान जसकरण सिंह के रूप में हुई है, जिसकी 21 सितंबर को मौत हो गई। परिजनों के अनुसार जसकरण पिछले करीब 10 वर्षों से चिट्टे के नशे की गिरफ्त में था।
परिजनों ने बताया कि जसकरण अपने माता-पिता का बड़ा बेटा था, जबकि उसका छोटा भाई भी नशे की लत का शिकार हो गया था। परिवार ने दोनों बेटों को नशे से बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद माता-पिता ने कर्ज लेकर दोनों को निजी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया। परिवार के अनुसार छोटे बेटे ने नशा छोड़ दिया, लेकिन जसकरण पूरी तरह इस लत से बाहर नहीं निकल सका।
मजदूरी की कमाई नशे में खर्च, घर का सामान तक बेचा
परिजनों के मुताबिक जसकरण मजदूरी करके जो भी पैसे कमाता था, उनमें से अधिकांश नशे पर खर्च हो जाते थे। नशे के लिए पैसे नहीं मिलने पर उसने घर का सामान तक बेच दिया। परिवार का आरोप है कि जसकरण घर की एलसीडी, मोटरसाइकिल, पंखे, बर्तन और यहां तक कि अपनी मां के कपड़े भी बेच चुका था।
हर महीने 12 हजार रुपये देकर कराया इलाज
माता-पिता ने दोनों बेटों को निजी नशा छुड़ाने वाले केंद्र में भर्ती करवाया और करीब 12 हजार रुपये प्रतिमाह फीस देते रहे। परिजनों के अनुसार जसकरण करीब छह महीने तक केंद्र में रहा। वहां से लौटने के बाद भी वह नशे की लत से पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाया।
नशा नहीं मिलने से बिगड़ी तबीयत
परिजनों ने बताया कि मौत से पहले पिछले कुछ दिनों से जसकरण को नशा नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि उनके पास उसे अस्पताल ले जाने के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं थे। परिजनों के अनुसार उन्होंने लोगों से आर्थिक मदद मांगकर जसकरण को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जसकरण की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता-पिता ने अपने दोनों बेटों को नशे से बाहर निकालने के लिए किए गए प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि नशे ने उनके परिवार को बुरी तरह प्रभावित किया है। यह घटना क्षेत्र में नशे की समस्या और इससे प्रभावित परिवारों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
