राजपुरा/फगवाड़ा। पंजाब की दो निजी यूनिवर्सिटियों—चितकारा यूनिवर्सिटी, राजपुरा और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), फगवाड़ा—में लगातार दो रात छात्र विरोध और हिंसा के घटनाक्रम सामने आए। चितकारा में हॉस्टल में ‘भूत’ और दो छात्राओं के लापता होने की अफवाह फैली, जबकि LPU में छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न और बाद में आत्महत्या से जुड़े दावे सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए। छात्राओं की सुरक्षा को लेकर दोनों परिसरों में प्रदर्शन हुए और स्थिति संभालने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
दोनों घटनाओं के बीच संबंध है?
दोनों मामलों में घटनाक्रम का पैटर्न कुछ हद तक समान रहा, जिसके चलते इनके बीच संभावित संबंध को लेकर चर्चा हुई। हालांकि, स्पेशल DGP परवीन सिन्हा के अनुसार चितकारा यूनिवर्सिटी और LPU में हुई हिंसा के बीच फिलहाल कोई संबंध सामने नहीं आया है। पुलिस दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है।
चितकारा में ‘भूत’ की अफवाहें 23 सितंबर से फैलनी शुरू हुईं और 25 सितंबर की रात छात्र प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ गई। इसके अगले दिन LPU में छात्र जुटने लगे और 26-27 सितंबर की रात विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया तथा हाईवे भी प्रभावित हुआ।
सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा डर
दोनों यूनिवर्सिटी में सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के जरिए छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कई तरह के दावे प्रसारित हुए। परेशान छात्र जवाब मांगने के लिए बड़ी संख्या में एकत्र हुए। पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कई ऑनलाइन दावों को अपुष्ट बताया।
LPU में सोमवार सुबह तक बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। ADGP एमएफ फारूकी ने ANI से कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है। अशांति के बाद LPU ने नियमित कक्षाएं स्थगित कर दीं और मिड-टर्म परीक्षाएं भी टाल दी गईं। चितकारा यूनिवर्सिटी ने भी 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक शिक्षण गतिविधियां स्थगित करने की घोषणा की है, जबकि नियमित कक्षाएं 5 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है।
चितकारा यूनिवर्सिटी में क्या हुआ?
चितकारा यूनिवर्सिटी में डर का माहौल 23 सितंबर को शुरू हुआ, जब कुछ छात्राओं ने हॉस्टल में डरावनी आवाजें बजाईं। इसके बाद करीब तीन वर्ष पहले आत्महत्या करने वाली एक छात्रा के ‘भूत’ की अफवाह फैल गई।
कैंपस में एंबुलेंस और एक पुजारी के पहुंचने की बात ने अफवाह को और हवा दी। हालांकि यूनिवर्सिटी की ओर से बताया गया कि एंबुलेंस एक छात्र को अस्पताल से वापस लाने के लिए आई थी और कैंपस में किसी मौत या आत्महत्या की घटना नहीं हुई थी।
बाद में दो छात्राओं के लापता होने की बात भी सोशल मीडिया पर फैल गई। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारी कथित तौर पर इन छात्राओं के नाम, फोटो, रोल नंबर या पहचान से जुड़ी अन्य जानकारी उपलब्ध नहीं करा सके।
LPU में यौन उत्पीड़न के आरोप
LPU में छात्रों की ओर से एक बाहरी कर्मचारी पर गर्ल्स हॉस्टल में एक छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया। इसके बाद कुछ छात्रों ने छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने का दावा भी किया, लेकिन इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच के लिए SIT गठित की है। शुरुआती जांच में पुलिस को बताए गए स्थान से घटना के समर्थन में अपेक्षित सबूत नहीं मिलने की बात सामने आई है। मामले में CCTV, फोरेंसिक और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही वास्तविक घटनाक्रम स्पष्ट होगा।
फिलहाल दोनों यूनिवर्सिटियों के मामलों में सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों और जांच एजेंसियों के सामने आए तथ्यों के बीच अंतर है। इसलिए किसी भी अपुष्ट दावे को तथ्य मानने के बजाय जांच पूरी होने का इंतजार करना महत्वपूर्ण है।
