चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ की उच्च शिक्षा व स्टाइपेंड पर 60.92 लाख रुपये व्यय करेगी प्रदेश सरकार: डॉ. शांडिल

by

शिमला : मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष के तहत गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक आज यहां सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अनाथ बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 68 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई।
डॉ. शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की पहल पर आरम्भ की गई इस योजना के तहत प्रदेश में लगभग 4000 निराश्रित एवं अनाथ बच्चों को शिक्षा तथा रोज़गारपरक व्यावसायिक पाठ्यक्रम के माध्यम से उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में स्नातकोत्तर एवं पीएचडी सहित अन्य उच्चतर शिक्षा पाठ्यक्रमों के लिए 68 आवेदन स्वीकृत किए गए। इन ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ की उच्च शिक्षा पर प्रदेश सरकार 28 लाख 28 हजार 457 रुपये तथा इन्हें स्टाइपेंड प्रदान करने पर 32 लाख 64 हजार रुपये व्यय किए जाएंगे।
बैठक में स्वरोज़गार के लिए वित्तीय सहायता से संबंधित 4 आवेदनों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके तहत लाभार्थियों को 7 लाख 45 हजार 500 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त व्यावसायिक प्रशिक्षण से संबंधित 42, कोचिंग से संबंधित 16 तथा कौशल विकास के 2 आवेदनों पर भी चर्चा की गई।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने बताया कि आज की बैठक में प्रस्तुत सभी आवेदनों के तहत प्रदेश सरकार 134 लाभार्थियों को 83 लाख 26 हजार 321 रुपये के लाभ प्रदान करेगी। साथ ही 4000 रुपये प्रतिमाह प्रति लाभार्थी स्टाइपेंड के तहत 128 लाभार्थियों को 59 लाख 60 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। इन दोनों मदों में कुल एक करोड़ 42 लाख 86 हजार 321 रुपये के लाभ इन बच्चों को प्रदान किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इससे पूर्व अगस्त माह में हुई समिति की बैठक में उच्च शिक्षा से संबंधित 48 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसके तहत इन बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए 15 लाख 52 हजार 678 रुपये तथा स्टाइपेंड के रूप में 23 लाख 4 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
डॉ. शांडिल ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस कल्याणकारी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समयबद्ध सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में निदेशक महिला एवं बाल विकास रूपाली ठाकुर, निदेशक अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक तथा विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों का सशक्तिकरण विभाग के निदेशक प्रदीप कुमार, महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त निदेशक मोहन दत सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

कांगड़ा जिला में हिम उन्नति योजना के तहत 30 क्लस्टर चयनित : डीसी डा. निपुण जिंदल

कृषि उत्पादन और किसानों की आमदनी बढ़ाने पर विशेष फोक्स : मोटा अनाज, लाल चावल, गन्ने की खेती के लिए किसानों को किया प्रेरित धर्मशाला, 01 नवंबर। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि...
article-image
हिमाचल प्रदेश

पराला में 100.42 करोड़ रुपये की लागत से बने अत्याधुनिक फल विधायन संयंत्र का लोकार्पण मुख्यमंत्री  सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया

ठियोग :   मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला जिले के ठियोग के पराला में 100.42 करोड़ रुपये की लागत से बने अत्याधुनिक फल विधायन संयंत्र का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र...
article-image
हिमाचल प्रदेश

नर्सों की भर्ती में कोरोना वारियर्स को प्राथमिकता देगी सरकार -मेडिकल टेक्नोलॉजी पर खर्च कर रहे 1350 करोड़ रुपयेः सीएम सुक्खू

मुख्यमंत्री ने आईजीएमसी और चमियाणा अस्पताल की फैक्लटी के साथ किया संवाद एएम नाथ। शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार सायं यहां आईजीएमसी शिमला व अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशिलिटी,...
article-image
हिमाचल प्रदेश

चार मील के पास 31 मई तक दो-दो घंटे बंद रहेगा निर्माणाधीन नेरचौक से पंडोह फोरलेन

एएम नाथ। मंडी, 2 मई।  जिला मजिस्ट्रेट एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी अपूर्व देवगन ने एक आदेश जारी किया है कि नेरचौक से पंडोह फोरलेन पर चल रहे निर्माण कार्य को ध्यान...
Translate »
error: Content is protected !!