जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो प्रदेश की युवा पीढ़ी को कौन बचाएगा : जयराम ठाकुर

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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष का आरोप, हिमाचल विधानसभा में नशे के मुद्दे पर भारी हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट

जयराम ठाकुर ने सरकार पर लगाए फोन टैपिंग और नशा तस्करी के गंभीर आरोप

एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार को उस समय गरमा गया जब शून्य काल के दौरान नशे के बढ़ते चलन और पुलिसकर्मियों की संलिप्तता को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के जवाब से असंतुष्ट होकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने सदन के भीतर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
​बाद में विधानसभा में अपने कक्ष में मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में नशा माफिया को सरकार का संरक्षण प्राप्त है और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
​जयराम ठाकुर ने मीडिया से कहा कि प्रदेश के लिए यह अत्यंत चिंता और शर्म का विषय है कि जो जवान नशे को रोकने के लिए तैनात किए गए थे, वही इस काले कारोबार में शामिल पाए जा रहे हैं। उन्होंने खुलासा किया कि नशा तस्करों को पकड़ने के लिए गठित ‘स्पेशल टास्क फोर्स’ के चार जवान एलएसडी जैसे घातक नशे की तस्करी करते हुए पकड़े गए हैं।
​उन्होंने कहा, “जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो प्रदेश की युवा पीढ़ी को कौन बचाएगा?
जयराम ठाकुर ने कहा कि सबसे दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि जब मैं सदन के भीतर इस गंभीर और संवेदनशील विषय को उठा रहा था, तो मुख्यमंत्री और पुलिस के आला अधिकारी हंस रहे थे। यह संवेदनहीनता दर्शाती है कि सरकार नशे जैसी गंभीर समस्या को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है।” पूर्व मुख्यमंत्री ने सुक्खू सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि साढ़े तीन साल के इस कार्यकाल में हिमाचल में नशा ग्रामीण क्षेत्रों तक जड़ें जमा चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय केवल बड़े आयोजनों और फोटो खिंचवाने तक सीमित है।
जयराम ​ठाकुर ने कहा, “सरकार नशे के खिलाफ अभियान के नाम पर इवेंट मैनेजमेंट कर रही है। स्कूली बच्चों को आठ-आठ घंटे धूप में खड़ा कर नाच-गाना करवाया जा रहा है। क्या नाच-गाने से नशा रुकेगा? सड़कों और चौराहों पर नौजवान नशे की ओवरडोज से दम तोड़ रहे हैं और सरकार केवल प्रचार में व्यस्त है।” उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के समय बॉर्डर एरिया पर सख्त घेराबंदी की गई थी, जिससे तस्कर कारोबार छोड़ने पर मजबूर हो गए थे।
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​विधायकों की जासूसी और फोन टैपिंग का आरोप

​प्रेस वार्ता के दौरान जयराम ठाकुर ने एक और बड़ा धमाका करते हुए सरकार पर जासूसी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग नशे के सौदागरों को पकड़ने के बजाय विपक्ष के विधायकों की लोकेशन ट्रैक करने और उनके फोन टैप करने में लगा हुआ है। ​उन्होंने आरोप लगाया, “पुलिस अधिकारी मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए विधायकों की पल-पल की जानकारी ‘मुखिया’ को भेज रहे हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान भी यही खेल खेला गया। फोन टैपिंग के लिए गृह विभाग की अनुमति अनिवार्य होती है, लेकिन यहाँ अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर मनमर्जी से जासूसी कर रहे हैं।”
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​आर्थिक और सामाजिक तबाही का दौर

​जयराम ठाकुर ने अंत में कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ प्रदेश को आर्थिक रूप से दिवालियापन की ओर धकेला जा रहा है, तो दूसरी तरफ नशे के माध्यम से प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति, यानी युवा पीढ़ी को तबाह किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नशा माफिया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगाम नहीं लगाई, तो भाजपा सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।

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