जीरकपुर। पंजाब के जीरकपुर में बिल्डर के घर के बाहर फायरिंग कर दहशत फैलाने के मामले में मोहाली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक 9 एमएम पिस्टल और वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार, वारदात के दौरान कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी। अब आरोपियों से पूछताछ कर फायरिंग के पीछे की साजिश, हथियार के स्रोत और अन्य संभावित आरोपियों का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, 14 अक्टूबर 2026 की रात करीब 2:17 बजे जीरकपुर में एक बिल्डर के घर के बाहर गोलियां चलाई गई थीं। हमलावरों ने घर के बाहर खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाते हुए आठ राउंड फायर किए थे। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। मामले में जीरकपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2), 351(3) और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।
जालंधर जिले के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी गांव अलीला चक, जिला जालंधर; मनराज सिंह उर्फ मन्ना निवासी गांव गुड़े, जिला जालंधर; और राजवीर सिंह निवासी गांव चक्क देसराज, जिला जालंधर के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, तीनों की उम्र क्रमशः 32, 21 और 18 वर्ष है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि और अन्य गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। उनके शैक्षणिक और रोजगार संबंधी विवरणों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
फिरौती के लिए दहशत फैलाने का शक
पुलिस को आशंका है कि बिल्डर के घर के बाहर फायरिंग का मकसद फिरौती वसूलने के लिए डर का माहौल बनाना हो सकता है। मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में इस्तेमाल हथियार कहां से आया, फर्जी नंबर प्लेट किसने तैयार की और फायरिंग की योजना बनाने में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकता है।
