एएम नाथ। नेरचौक : नगर परिषद नेरचौक की कंसा चौक स्थित सॉलिड वेस्ट डंपिंग साइट को आबादी से दूर दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने डीसी मंडी अपूर्व देवगन को ज्ञापन सौंपा।
जिला परिषद सदस्य अनिल सैनी ने कहा कि डंपिंग साइट से बदबू, गंदगी और संक्रमण का खतरा बना हुआ है। इसके आसपास खेल मैदान, श्मशान घाट, कुश्ती अखाड़ा, शिव मंदिर, सरकारी स्कूल, हेल्थ सेंटर, पंचायत घर और बाजार स्थित हैं।
उन्होंने बताया कि डंपिंग साइट के पास जल शक्ति विभाग का पंप हाउस भी है, जिससे कई गांवों को पेयजल आपूर्ति होती है। कूड़े से निकलने वाला गंदा पानी भूजल में पहुंचने पर जल प्रदूषण का खतरा पैदा हो सकता है।
किसानों की फसलों पर भी असर का आरोप
कंसा चौक के आसपास स्वाह, टांवा, डडौर और भौर सहित कई गांव हैं, जहां करीब 7 हजार लोग रहते हैं। स्थानीय किसानों का आरोप है कि डंपिंग साइट से निकलने वाली मक्खियों और कीड़ों के कारण फसलों को नुकसान हो रहा है।
खड्ड के जरिए ब्यास नदी तक प्रदूषण का खतरा
अनिल सैनी ने कहा कि डंपिंग साइट के साथ लगती कंसा खड्ड आगे चलकर ब्यास नदी में मिलती है। ऐसे में कचरे से निकलने वाले रिसाव से जलस्रोतों और नदी के प्रदूषित होने की आशंका है।
उन्होंने प्रशासन से डंपिंग साइट की संयुक्त जांच, जमीन के रिकॉर्ड, संबंधित मंजूरियों और साइट चयन की प्रक्रिया की जांच करवाने की मांग की।
आबादी से दूर बने ठोस कचरा प्रबंधन केंद्र
स्थानीय लोगों ने मांग की कि समस्या का स्थायी समाधान होने तक कंसा चौक में कचरा डालने पर रोक लगाई जाए और आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर ठोस कचरा प्रबंधन की व्यवस्था की जाए।
