कुक्कड़ पिंड की दाना मंडी में किसानों और आढ़तियों से मिले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष; कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल, सरकार से जवाबदेही की मांग
जालंधर। पंजाब में धान की खरीद और उठान में कथित देरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष एवं जालंधर कैंट से विधायक सरदार परगट सिंह ने शनिवार को कुक्कड़ पिंड की दाना मंडी का दौरा कर किसानों और आढ़तियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए धान खरीद व्यवस्था में करीब 4,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित सरकार या एजेंसियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
परगट सिंह ने मंडी में धान की खरीद और लिफ्टिंग की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उचित अग्रिम योजना के अभाव में किसानों और आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मौके पर अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर खरीद और उठान में तेजी लाने की मांग की।
मंडी में धान की बोरियों के उठान पर उठाए सवाल
परगट सिंह के अनुसार, कुक्कड़ पिंड मंडी के मुख्य यार्ड में धान की करीब दो लाख से अधिक बोरियां पहुंचती हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें से लगभग 50 हजार बोरियों का ही उठान हुआ है, जबकि करीब 30 हजार बोरियां भरकर रखी हुई हैं। उनके मुताबिक, सवा लाख से अधिक बोरियां मंडी में पड़ी हैं या वहां पहुंचने वाली हैं।
उन्होंने कहा कि धान की खरीद और उठान की धीमी रफ्तार से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। महीनों की मेहनत के बाद मंडी पहुंचे किसानों को यदि समय पर फसल की निकासी नहीं मिलती, तो इसका असर पूरी खरीद व्यवस्था पर पड़ता है।
प्रति बोरी 200 रुपये के कथित सौदे का आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पहले मंडी में खरीद के लिए दो एजेंसियां काम कर रही थीं, लेकिन अब उन्हें एक कर दिया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार ने शैलर संचालकों के साथ सीधे सौदे किए हैं और प्रति बोरी 200 रुपये के कथित भुगतान की व्यवस्था के जरिए करीब 4,000 करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम दिया गया।
परगट सिंह ने आरोप लगाया कि दिल्ली के नेता पंजाब को लूटने में जुटे हैं और मुख्यमंत्री भगवंत मान किसानों के हितों की रक्षा करने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से बातचीत के दौरान उन्हें यह जवाब मिला कि उनके हाथ में कुछ नहीं है।
हालांकि, प्रति बोरी भुगतान और कथित घोटाले से जुड़े आरोपों की पुष्टि के लिए दस्तावेजी साक्ष्य तथा संबंधित पक्षों का जवाब आवश्यक है। इन आरोपों को फिलहाल कांग्रेस नेता के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना
परगट सिंह ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राज्य में असुरक्षा का माहौल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे परिवारों से मिले हैं, जिनके घरों में दो-तीन साल पहले हत्याएं हुई थीं। उनके मुताबिक, कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई, जबकि अन्य मामलों में गिरफ्तारी, जांच और चालान पेश किए जाने को लेकर सवाल बने हुए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में गिरफ्तार आरोपियों को जांच के दौरान छोड़ दिया गया और कई गंभीर मामलों में अब तक चालान पेश नहीं किए गए। इन मामलों में संबंधित पुलिस अधिकारियों या सरकार का पक्ष सामने आना बाकी है।
गुरदासपुर लूट और झोटा हत्याकांड का भी किया जिक्र
कांग्रेस नेता ने गुरदासपुर में सुनार से 12 करोड़ रुपये की लूट का जिक्र करते हुए दावा किया कि मामले में करीब डेढ़ करोड़ रुपये ही बरामद हुए हैं। उन्होंने बाकी रकम की बरामदगी को लेकर सवाल उठाए।
परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड का उल्लेख करते हुए परगट सिंह ने मुख्यमंत्री और डीजीपी की भूमिका पर सवाल उठाए तथा जवाबदेही की मांग की। उन्होंने झोटा के पिता की सराहना करते हुए कहा कि बेटे की मौत के बावजूद वह पंजाब के हालात और भाईचारक सांझ बनाए रखने की बात कर रहे हैं। उनके अनुसार, परिवार ने दशहरा मनाने और बाजार खोलने की अपील भी की थी, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।
परगट सिंह ने कहा कि धान खरीद से लेकर कानून-व्यवस्था तक, सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए और किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए।
