शिमला, 15 सितंबर। भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने राज्य में ड्रेजिंग, खनन, स्टोन क्रशर और सरकारी संसाधनों से जुड़े मामलों को लेकर कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आर्थिक अनियमितता, नियमों की अनदेखी या सत्ता के दुरुपयोग के ठोस तथ्य सामने आने पर सरकार से निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की।
बिंदल ने कहा कि उत्तराखंड से कर्नाटक और हिमाचल तक कांग्रेस नेताओं या सत्ता से जुड़े लोगों को लेकर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड में वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले और ईडी की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाना चाहिए और अंतिम निष्कर्ष जांच के आधार पर ही सामने आने चाहिए।
कर्नाटक के एक मंत्री और उनके परिवार से जुड़े कथित माइनिंग कारोबार का जिक्र करते हुए बिंदल ने कहा कि 9 से 11 सितंबर के बीच 21 ठिकानों पर कार्रवाई और विदेशी निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई है।
ब्यास ड्रेजिंग पर सरकार से मांगा जवाब
हिमाचल को लेकर बिंदल ने ब्यास नदी में ड्रेजिंग के नाम पर खनन, बेस मूल्य, बैंक गारंटी, वन विभाग के माध्यम से खनन करवाने के निर्णय और मंत्रिमंडल की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से इन मामलों से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेज सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
जयसिंहपुर स्टोन क्रशर पर भी सवाल
बिंदल ने जयसिंहपुर में निर्माणाधीन स्टोन क्रशर को लेकर एक मंत्री की कथित व्यावसायिक हिस्सेदारी, अनुमति और पर्यावरणीय स्वीकृतियों से जुड़े सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि संबंधित सरकारी रिकॉर्ड सामने आने चाहिए, ताकि तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सके।
बिंदल ने कहा कि भाजपा प्राकृतिक संसाधनों और सरकारी धन से जुड़े मामलों पर सवाल उठाती रहेगी। उन्होंने मांग की कि जहां भी ठोस तथ्य सामने आएं, वहां समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए।
