व्हाट्सऐप कॉल से शुरू हुआ मामला; खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर महिला को बेहोश करने का आरोप, तीन साथियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
एएम नाथ। शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक कारोबारी परिवार के घर करोड़ों रुपये के आभूषण और नकदी चोरी होने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि वारदात में घर में करीब दस दिन पहले काम पर रखी गई नौकरानी और उसके साथियों की भूमिका हो सकती है। पुलिस के मुताबिक नौकरानी घटना के बाद से फरार है। (Amar Ujala)
मामला फिंगास्क एस्टेट क्षेत्र का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता रेणु बालजीज के अनुसार, घर में नौकरानी रखने से पहले उन्हें व्हाट्सऐप के जरिए एक कॉल आई थी। इसके बाद संबंधित महिला को घर पर काम के लिए भेजा गया। महिला से कई बार उसका मोबाइल नंबर और पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह हर बार किसी न किसी बहाने से टालती रही।
10 दिन में घर की पूरी जानकारी जुटाने का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, नौकरानी ने करीब दस दिनों तक घर में काम किया। इस दौरान उसने घर की दिनचर्या, कमरों और सामान की जानकारी हासिल की होगी, ऐसी आशंका पुलिस जता रही है। घटना के दिन कथित तौर पर उसने अपने साथियों को भी घर में बुलाया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रात के समय खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर घर की मालकिन और एक अन्य महिला को बेहोश कर दिया गया। इसके बाद अलमारियों से कीमती आभूषण और नकदी निकाल ली गई। सुबह होश आने पर घर में सामान बिखरा मिला और चोरी का पता चला। (Amar Ujala)
पुश्तैनी गहने भी चोरी
शिकायतकर्ता के मुताबिक चोरी हुए सामान में सोने-चांदी के आभूषण, चूड़ियां, चेन, अंगूठियां और परिवार के पुश्तैनी गहने शामिल हैं। चोरी हुए सामान की कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। हालांकि अंतिम मूल्यांकन जांच और सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगा। (Amar Ujala)
तीन युवकों की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस को प्रारंभिक जांच में पता चला है कि नौकरानी ने कथित तौर पर तीन युवकों को घर में बुलाया था। पुलिस इन लोगों की पहचान और भूमिका की जांच कर रही है। घटना के बाद नौकरानी समेत संदिग्ध आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। तकनीकी जांच के जरिए संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। (Amar Ujala)
एएसपी ने लोगों से की सत्यापन की अपील
एएसपी गौरवजीत सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पीड़ित परिवार को पहले नौकर रखने के संबंध में व्हाट्सऐप कॉल आई थी। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि घर में किसी भी घरेलू कर्मचारी, नौकर या श्रमिक को रखने से पहले उसका पुलिस सत्यापन और पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच जरूर करवाएं।
फोटो कैप्शन: शिमला के फिंगास्क एस्टेट में कारोबारी परिवार के घर चोरी के बाद जांच करती पुलिस।
