पंचायत चुनाव में देरी को लेकर जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर हमला, बोले- 2027 में कांग्रेस कहीं नजर नहीं आएगी
एएम नाथ। कुल्लू। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बंजार विधानसभा क्षेत्र में पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनाव टालने और रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन भाजपा ने इसका विरोध करते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और सरकार को चुनाव करवाने के लिए बाध्य होना पड़ा।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार पंचायत चुनाव इसलिए टालना चाहती थी, क्योंकि उसे डर था कि चुनाव होने के बाद उसके कथित ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के दावों की वास्तविकता सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता प्रदेश की जनता के सामने अपना चेहरा नहीं दिखा पाएंगे।
उन्होंने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर लंबी लड़ाई के बाद मिला है। पंचायती राज संस्थाएं लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी हैं और गांवों के विकास, जनभागीदारी तथा स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
‘सुक्खू सरकार काम रोकने के लिए कर रही काम’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी सक्रिय होने का आह्वान किया।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि अब तक सरकारें विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए काम करती थीं, लेकिन सुक्खू सरकार कथित तौर पर काम रोकने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी कोई प्रभावी योजना नहीं चला पाए हैं और पूर्व भाजपा सरकार की योजनाओं को बदनाम करने में लगे हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के बारे में कहते थे कि वे साजिश और षड्यंत्र करने में माहिर हैं। जयराम ठाकुर के अनुसार, सत्ता में आने के बाद सुक्खू सरकार ने इस बात को सही साबित किया है।
पंचायत चुनाव में देरी से विकास प्रभावित होने का आरोप
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया और पंचायत चुनाव समय पर करवाने में जानबूझकर देरी की। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हुए।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीयत स्पष्ट थी और संविधान एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था में उसका पूरा विश्वास था। इसी कारण कोविड जैसी विषम परिस्थितियों के बावजूद भाजपा सरकार ने पंचायत चुनाव करवाए थे। इसके विपरीत, उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने पंचायत चुनावों को रोकने और टालने का प्रयास किया।
हालांकि, उन्होंने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की प्राथमिकता अपने-अपने क्षेत्रों की जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना और गांवों के विकास को नई गति देना होना चाहिए।
‘2027 में कांग्रेस कहीं नजर नहीं आएगी’
जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों को पंचायत स्तर पर ही रुकना नहीं है, बल्कि पंचायत से लेकर विधानसभा तक कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता की आवाज बुलंद करनी है।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार से नाराज है और आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में कांग्रेस हिमाचल प्रदेश में कहीं नजर नहीं आएगी और भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।
समारोह में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं कुल्लू प्रभारी बिहारी लाल शर्मा, बंजार विधायक सुरेंद्र शौरी, मंडी जिला सह प्रभारी भीमसेन शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष घनश्याम, ब्लॉक समिति अध्यक्ष लता ठाकुर, नगर पंचायत अध्यक्ष धनवंती, नगर परिषद सदस्य अनिल राणा, कुसुमलता सहित ब्लॉक समिति के सदस्य, नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चंबा मेडिकल कॉलेज की घटना पर भी सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने चंबा मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान बच्चे की मृत्यु की घटना पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने इसे हृदयविदारक घटना बताते हुए कहा कि यदि अस्पताल में समय पर उचित उपचार नहीं मिल पाने के कारण किसी मासूम की जान जाती है तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर विफलता का संकेत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और इलाज में कथित लापरवाही के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार को इन घटनाओं से सबक लेकर व्यवस्था में सुधार करना चाहिए, लेकिन इसके बजाय लीपापोती का रवैया अपनाया जा रहा है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री के दावों और भाषणों के बजाय प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक तरफ अस्पतालों में मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर नेशनल हेल्थ मिशन और केंद्र सरकार से हिमाचल को मिलने वाली धनराशि के उपयोग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने सरकार से चंबा मेडिकल कॉलेज की घटना में जवाबदेही तय करने तथा प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में तत्काल सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
