राहुल गांधी की संगरूर रैली में एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य; दिल्ली की ‘वोट चोरी’ रैली के लिए पंजाब कांग्रेस को 50 हजार कार्यकर्ता लाने की जिम्मेदारी
चंडीगढ़ । कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल एक दिवसीय दौरे के बाद सोमवार को दिल्ली रवाना हो गए। अपने चंडीगढ़ दौरे के दौरान उन्होंने पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर संगठन की स्थिति, आगामी चुनावी रणनीति और रैलियों की तैयारियों पर चर्चा की। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में वेणुगोपाल और पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी सामूहिक नेतृत्व में होगी और किसी भी नेता को अलग से व्यक्तिगत चुनाव अभियान चलाने की अनुमति नहीं होगी।
बैठक में राहुल गांधी की 4 नवंबर को प्रस्तावित संगरूर रैली के लिए एक लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किए जाने की बात सामने आई है। पार्टी नेतृत्व इस रैली के माध्यम से पंजाब में चुनावी अभियान की शुरुआत करने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद प्रदेश के विभिन्न जोन में राहुल गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की रैलियां तथा रोड शो आयोजित करने की योजना है।
‘मुख्यमंत्री, मंत्री और चेयरमैन आपमें से ही बनेंगे’
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक में वेणुगोपाल ने नेताओं को आपसी मतभेद दूर कर चुनाव जीतने के लिए मिलकर काम करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी नेताओं का ध्यान पार्टी को चुनाव जिताने पर होना चाहिए। मुख्यमंत्री, मंत्री या बोर्ड के चेयरमैन जैसे पदों को लेकर अभी से दावेदारी करने के बजाय संगठन को मजबूत करना जरूरी है।
बैठक के दौरान उन्होंने वरिष्ठ नेताओं को आपस में संवाद बढ़ाने और एकजुट होकर काम करने का संदेश दिया। वेणुगोपाल और सचिन पायलट ने स्पष्ट किया कि पार्टी में अनुशासनहीनता या भीतरघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे संबंधित नेता कितना ही वरिष्ठ क्यों न हो।
‘पंजाब बदलाव की ओर देख रहा है’
बैठक से पहले केसी वेणुगोपाल ने पंजाब की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह चुनाव और संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा करने के लिए आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी है और नशा तस्करी से जुड़ी समस्याएं गंभीर हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य पंजाब में दोबारा सरकार बनाना और प्रदेश को सामाजिक बुराइयों से मुक्त करने के लिए काम करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस आगामी चुनाव में सरकार बनाने की स्थिति में पहुंचेगी।
खड़गे के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि खड़गे की बात को वैचारिक संदर्भ में समझा जाना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा के वैचारिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का आशय इसी संदर्भ में था।
खड़गे ने बिहार के पटना में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जिस पर राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया देखने को मिली।
दिल्ली की रैली के लिए पंजाब कांग्रेस को 50 हजार लोगों का लक्ष्य
वेणुगोपाल के चंडीगढ़ दौरे का एक प्रमुख उद्देश्य 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस की रैली के लिए पंजाब से कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना भी था। पार्टी के अनुसार, रैली में राहुल गांधी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के मुद्दे को उठाएंगे। इसमें विपक्षी गठबंधन इंडिया के अन्य नेताओं के शामिल होने की भी संभावना है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पंजाब कांग्रेस को इस रैली में करीब 50 हजार लोगों को लाने का लक्ष्य दिया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिलों और स्थानीय इकाइयों के स्तर पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय करने की तैयारी की जा रही है।
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ रैली की तैयारी
कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहा है।
पार्टी ने 1 नवंबर की रैली को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ और ‘चलो दिल्ली’ के नारों के साथ आयोजित करने की तैयारी की है। कांग्रेस का दावा है कि इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पंजाब के अलावा हरियाणा और जम्मू-कश्मीर से भी कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
संगरूर रैली से पंजाब में चुनावी अभियान शुरू करने की तैयारी
पंजाब कांग्रेस के लिए 4 नवंबर को प्रस्तावित राहुल गांधी की संगरूर रैली को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व इस रैली के जरिए चुनावी अभियान को गति देने की योजना बना रहा है।
वेणुगोपाल और सचिन पायलट की बैठकों में नेताओं को संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने, आपसी मतभेदों को किनारे रखने और पार्टी के साझा कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया। अब इन बैठकों के बाद पंजाब कांग्रेस के सामने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यकर्ताओं को संगठित करने और चुनावी तैयारियों को जमीन पर उतारने की चुनौती होगी।
