सचिन पायलट ने पंजाब के स्कूलों के ऑडिट को लेकर उठाए सवाल, मनीष सिसोदिया ने हिमाचल के स्कूलों पर कांग्रेस को दी चुनौती
चंडीगढ़, 12 सितंबर। पंजाब के शिक्षा मॉडल को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों दल सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षा सुधारों को लेकर एक-दूसरे के दावों पर सवाल उठा रहे हैं। 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षा का मुद्दा दोनों पार्टियों के बीच सियासी मुकाबले का अहम विषय बनता दिखाई दे रहा है।
सचिन पायलट ने ऑडिट को लेकर उठाए सवाल
विवाद की शुरुआत कांग्रेस नेता सचिन पायलट के पंजाब के सरकारी स्कूलों के ऑडिट को लेकर दिए बयान से हुई। पायलट ने कहा कि पंजाब या किसी भी राज्य के स्कूलों का ऑडिट किया जाना स्वागत योग्य है। हालांकि, उन्होंने AAP सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब का मूल्यांकन भी उसी नजरिए, उन्हीं सवालों और उसी साहस के साथ किया जाना चाहिए, जिस तरह दूसरे राज्यों की सरकारों का ऑडिट किया जाता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब और AAP सरकार को किसी तरह की विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए।
लुधियाना के स्कूलों के ऑडिट में सामने आई तस्वीर
इसके बाद लुधियाना में सरकारी स्कूलों के ऑडिट को लेकर सौरव दास की पोस्ट सामने आई। उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने कई सरकारी स्कूलों का दौरा किया और वहां बनाए गए ‘स्कूल्स ऑफ एमिनेंस’ से प्रभावित हुई।
दास के अनुसार, ऑडिट में शामिल 20 में से अधिकांश बिंदु सकारात्मक पाए गए, हालांकि कुछ कमियां और समस्याएं भी सामने आईं। उन्होंने बताया कि इन समस्याओं से पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को अवगत कराया गया है।
दास के मुताबिक, शिक्षा मंत्री ने ऑडिट टीम से मुलाकात करने पर सहमति जताई और सामने आई समस्याओं को जल्द दूर करने का भरोसा दिया।
सिसोदिया ने पायलट को दिया सीधा जवाब
इसी मुद्दे को लेकर AAP नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सचिन पायलट पर पलटवार किया। उन्होंने पंजाब के शिक्षा मॉडल का जिक्र करते हुए कांग्रेस से सवाल किया कि अगर पंजाब में ऐसे 1,000 बेहतरीन सरकारी स्कूल हैं, तो क्या हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ऐसे 1,000 स्कूल दिखा सकती है?
सिसोदिया ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों का संयुक्त ऑडिट कराने की चुनौती भी दी। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि क्या वह इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए तैयार है।
शिक्षा मॉडल बना चुनावी मुद्दा
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए शिक्षा व्यवस्था अब AAP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस का महत्वपूर्ण मुद्दा बनती जा रही है। AAP जहां अपने सरकारी स्कूलों और ‘स्कूल्स ऑफ एमिनेंस’ को शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों के उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है, वहीं कांग्रेस सरकार के दावों और स्कूलों की वास्तविक स्थिति पर सवाल उठा रही है।
आने वाले समय में दोनों दलों के बीच पंजाब के शिक्षा मॉडल को लेकर यह सियासी बहस और तेज होने के आसार हैं।
