पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस पार्टी एक बार फिर वापसी की रह तलाश रही है. ऐसे में अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी इस बार बिना सीएम फेस के चुनाव लड़ने जा रही है. दरअसल पंजाब कांग्रेस के घमासान को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर गुरुवार (3 सितंबर) को बड़ी बैठक हुई है.
मीटिंग में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, संगठन महासचिव वेणुगोपाल मौजूद रहे. यह बैठक राहुल गांधी की पंजाब यात्रा से ठीक पहले बुलाई गई है. सूत्रों के मुताबिक बैठक में पार्टी के सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने का फैसला लिया गया है. इस दौरान संगठन महासचिव वेणुगोपाल ने खरगे और राहुल गांधी के सामने पंजाब कांग्रेस की रिपोर्ट पेश की है.
बिना फेस के चुनाव लड़ेगी कांग्रेस? … पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर स्थिति साफ होती नजर आ रही है. ऐसे में खबरें हैं कि पार्टी ने बिना मुख्यमंत्री फेस चुनाव लड़ने का फैसला करते हुए सामूहिक नेतृत्व में पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है. इस बैठक में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के शामिल होने की भी खबर आई थी.
पंजाब में वडिंग और चन्नी के बीच घमासान….बता दें कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह की दोबारा नियुक्ति के बाद घमासान शुरू हो गया है. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का गुट नाराज नजर आ रहा है. कई दिनों से चन्नी और वडिंग के बीच मतभेद और गुटबाजी को लेकर भी चर्चाएं तेज थीं. ऐसे में पार्टी अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पंजाब दौरे से पहले मतभेदों को कम कर एकजुटता का संदेश देने का प्रयास करने जुटी हुई है.
राहुल गांधी के पंजाब दौरे से पहले तैयारियां तेज…लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आगामी 11 सितंबर से 13 के बीच पंजाब दौरे पर आ सकते हैं. राहुल गांधी के दौरे से पहले पंजाब कांग्रेस द्वारा तैयारियां तेज की जा रही हैं. उनके प्रस्तावित दौरे को अंतिम रूप देने पर भी दिल्ली में हुई बैठक में चर्चा होने की उम्मीद थी. बताया जा रहा है कि राहुल गांधी का पंजाब में तीन दिन रहने का कार्यक्रम बनने की संभावना है. फिलहाल इस दौरे पर पार्टी आलाकमान की मुहर लगने के बाद ही कुछ कहा जाएगा.
