चंडीगढ़, 7 अगस्त: पंजाब सरकार पर अपनी लंबित मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए शुक्रवार को बड़ी संख्या में राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों ने चंडीगढ़ के सेक्टर-39 में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बकाया महंगाई भत्ता (डीए), पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने और अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने सहित कई मांगें उठाईं।
प्रदर्शनकारियों को पंजाब विधानसभा की ओर बढ़ने से रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने रास्तों पर बैरिकेड लगाए थे। जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे, तो पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछारों (वाटर कैनन) का इस्तेमाल किया।
यह प्रदर्शन ‘सांझा मुलाज़म एवं पेंशनर्स फ्रंट’ और ‘सांझा मुलाज़म मंच पंजाब’ के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से आए कई कर्मचारी संगठनों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारी अपने-अपने संगठनों के झंडे लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 18 प्रतिशत लंबित डीए जारी करना, पुरानी पेंशन योजना बहाल करना और अनुबंध पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से कई बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया।
विपक्षी दलों ने भी कर्मचारियों के प्रदर्शन को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि जिन कर्मचारियों ने आम आदमी पार्टी को समर्थन दिया था, वही आज अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
वड़िंग ने सरकार पर कर्मचारियों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार के कामकाज का बड़ा प्रमाण है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी कर्मचारियों की मांगों को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की और तत्काल समाधान की मांग की।
