होशियारपुर 7 सितम्बर : पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अविनाश राय खन्ना ने पाकिस्तान में कथित तौर पर मदरसे का रास्ता बनाने के लिए करीब 100 वर्ष पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने की घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए इस मामले को केंद्रीय विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाया है। खन्ना ने मांग की है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मंदिर को नुकसान पहुंचाने की घटना की गंभीरता से जांच करवाने तथा मंदिर के पुन : निर्माण लिए पकिस्तान सरकार के साथ सख्ती से मामला उठाया जाए।
इस संबंध में खन्ना के कार्यालय से सचिव ज्योति कुमार जौली ने बताया कि समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सिराज गांव, नारोवाल में लगभग 100-125 वर्ष पुराने एक हिंदू मंदिर को कथित रूप से मदरसे तक रास्ता बनाने के लिए गिरा दिया गया। खबर में यह भी उल्लेख है कि यह मंदिर लगभग 1,000 वर्ग मीटर भूमि पर स्थित था और स्थानीय हिंदू समुदाय द्वारा इसके संरक्षण एवं पुनर्निर्माण की मांग की जा रही है। जौली ने बताया कि खन्ना ने इस घटना को धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए विदेश मंत्रालय के समक्ष मामला उठाया है। खन्ना का कहना है कि किसी भी धार्मिक स्थल को सड़क, रास्ते अथवा किसी अन्य निर्माण के नाम पर क्षति पहुंचाना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। विशेष रूप से पाकिस्तान में हिंदू समुदाय के प्राचीन मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर लगातार सामने आ रही चिंताओं को देखते हुए इस प्रकार की घटनाओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना आवश्यक है। खन्ना ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि पाकिस्तान सरकार के समक्ष इस मामले को उचित कूटनीतिक माध्यम से उठाया जाए और संबंधित मंदिर के संरक्षण, पुनर्निर्माण तथा हिंदू समुदाय के धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का दबाव बनाया जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था और विरासत से जुड़े स्थलों की सुरक्षा केवल किसी एक समुदाय का नहीं, बल्कि मानवाधिकारों और सभ्य समाज का विषय है। खन्ना ने इस मामले को पकिस्तान सरकार के साथ सख्ती से उठाते हुए मंदिर के पुन: निर्माण की मांग की है.
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