परमिट विवाद पर टैक्सी ऑपरेटरों की हड़ताल खत्म, जयराम ठाकुर ने जूस पिलाकर खुलवाया धरना

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चौड़ा मैदान में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष, बोले- हजारों परिवारों की रोजी-रोटी से जुड़ा है मामला; विधानसभा के बाद अब केंद्र में उठाएंगे मुद्दा

एएम नाथ।  शिमला। परमिट अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर शिमला के चौड़ा मैदान में धरने पर बैठे टैक्सी ऑपरेटरों की हड़ताल शुक्रवार को समाप्त हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर धरनास्थल पर पहुंचे और टैक्सी ऑपरेटरों से बातचीत कर उनकी मांगों और समस्याओं को सुना। इसके बाद उन्होंने ऑपरेटरों को जूस पिलाकर उनका धरना समाप्त करवाया।

टैक्सी ऑपरेटर लंबे समय से परमिट अवधि बढ़ाने और वाहन की उम्र के बजाय फिटनेस के आधार पर परमिट जारी रखने की मांग कर रहे थे। इसी मांग को लेकर उन्होंने चौड़ा मैदान में आंदोलन शुरू किया था। ऑपरेटरों का कहना है कि यदि वाहन फिटनेस के सभी मानकों पर खरा उतरता है तो केवल उसकी उम्र के आधार पर उसे संचालन से बाहर नहीं किया जाना चाहिए।

हजारों परिवारों की रोजी-रोटी से जुड़ा मामला : जयराम

धरनास्थल पर टैक्सी ऑपरेटरों को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि उनकी मांग केवल कारोबार से जुड़ी नहीं है, बल्कि इससे हजारों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को टैक्सी ऑपरेटरों की व्यावहारिक परेशानियों को समझते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि टैक्सी ऑपरेटरों की मांगों को उन्होंने विधानसभा में भी उठाया है। अब इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष भी रखा जाएगा, ताकि ऑपरेटरों को राहत दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाया जा सके।

उम्र नहीं, फिटनेस के आधार पर परमिट की मांग

टैक्सी ऑपरेटरों की प्रमुख मांगों में परमिट की अवधि बढ़ाना और ऐसे वाहनों को संचालन की अनुमति जारी रखना शामिल है, जो निर्धारित फिटनेस मानकों पर खरे उतरते हों। ऑपरेटरों का तर्क है कि वाहन की वास्तविक स्थिति उसकी उम्र से अधिक महत्वपूर्ण है और फिट वाहनों को केवल आयु सीमा के आधार पर सड़क से हटाना व्यावहारिक नहीं है।

बातचीत के बाद आंदोलन समाप्त

जयराम ठाकुर ने धरनास्थल पर पहुंचकर ऑपरेटरों से विस्तार से बातचीत की और उनकी मांगों को सुना। उन्होंने आंदोलन समाप्त करने की अपील की, जिसके बाद टैक्सी ऑपरेटरों ने हड़ताल खत्म करने पर सहमति जताई।

इसके बाद जयराम ठाकुर ने टैक्सी ऑपरेटरों को जूस पिलाकर उनका धरना समाप्त करवाया। इसके साथ ही चौड़ा मैदान में चल रहा उनका आंदोलन फिलहाल समाप्त हो गया।

फिलहाल ऑपरेटरों की नजर अब सरकार और केंद्र के स्तर पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर है।

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