पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2023 के ड्राफ्ट को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी : मोबाइल और इंटरनेट के चलन के बाद से यूजर्स की प्राइवेसी की सुरक्षा को लेकर अब तक कोई कानून नहीं था

by

नई दिल्ली : केंद्रीय कैबिनेट ने पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2023 के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी। र्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2023 को संसद के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस बिल को लेकर देश में लंबे समय से चर्चा हो रही थी।
पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2023 की जरूरत क्यों पड़ी?
मोबाइल और इंटरनेट के चलन के बाद से यूजर्स की प्राइवेसी की सुरक्षा को लेकर अब तक कोई कानून नहीं था। कई देशों में लोगों के डेटा प्रोटेक्शन को लेकर सख्त कानून तैयार किए जा चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर चिंता जाहिर की थी। कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि ‘निजता का अधिकार’ एक मौलिक अधिकार है।। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया था कि नया डेटा संरक्षण विधेयक तैयार है और जुलाई में संसद के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। फिलहाल सख्त कानून न होने के वजह से डेटा एकत्र करने वाली कंपनियां इसका कई दफा फायदा उठाती हैं। बैंक, क्रेडिट कार्ड और इंश्योरेंश से जुड़ी जानकारियां आए दिन लीक हो जाती हैं।

पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2023 में है क्या ?
सरकार ने यूजर्स के डेटा को सुरक्षित रखने के लिए एक बिल तैयार किया है। इसे पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2023 नाम दिया गया है। बिल में प्रावधान है कि अगर किसी कंपनी द्वारा यूजर्स का डेटा लीक किया जाता है और कंपनी द्वारा ये नियम तोड़ा जाता है तो उसपर 250 करोड़ रुपए तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यह कानून लागू होने के बाद लोगों को अपने डेटा कलेक्शन, स्टोरेज और उसके प्रोसेसिंग के बारे में डिटेल मांगने का अधिकार मिल जाएगा। बिल में पिछले ड्राफ्ट के लगभग सभी प्रावधान शामिल हैं जो इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने सुझाव के लिए नवंबर 2022 में जारी किया था। सरकार ने नए ड्राफ्ट को लाने से पहले सरकार से बाहर के संगठनों 48 और 38 सरकारी संगठनों से सुझाव लिए। कुल 21 हजार 660 सुझाव आए। इनमें से लगभग सभी पर विचार किया गया।
अगर कोई विवाद होता है तो इस स्थिति में डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड फैसला करेगा। नागरिकों को सिविल कोर्ट में जाकर मुआवजे का दावा करने का अधिकार होगा। ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो धीरे-धीरे विकसित होंगी। ड्राफ्ट में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह का डेटा शामिल हैं, जिसे बाद में डिजिटाइज किया गया हो। अगर विदेश से भारतीयों की प्रोफाइलिंग की जा रही है या गुड्स और सर्विस दी जा रही हों तो यह उस पर भी लागू होगा। इस बिल के तहत पर्सनल डेटा तभी प्रोसेस हो सकता है, जब इसके लिए सहमति दी गई हो। कानूनी या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए आवश्यक नहीं होने पर उपयोगकर्ताओं के डेटा को अपने पास बरकरार नहीं रखा जाना चाहिए। नया पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल बायोमेट्रिक डेटा के मालिक को पूर्ण अधिकार भी देता है। यहां तक कि अगर किसी एम्प्लॉयर को अटेंडेंस के लिए किसी कर्मचारी के बायोमेट्रिक डेटा की आवश्यकता होती है, तो उसे स्पष्ट रूप से संबंधित कर्मचारी से सहमति की आवश्यकता होगी।
नए कानून के तहत बच्चों के डाटा तक पहुंच के लिए माता-पिता की अनुमति अनिवार्य होगी। राष्ट्रीय सुरक्षा-कानून व्यवस्था के आधार पर सरकारी एजेंसियों को मिलेगी डाटा इस्तेमाल की विशेष इजाजत।
सोशल मीडिया पर अकाउंट डिलीट करने के बाद कंपनी के लिए डाटा डिलीट करना अनिवार्य होगा। कंपनियां खुद के व्यावसायिक उद्देश्य के इतर नहीं कर पाएंगी डाटा का इस्तेमाल। यूजर को अपने निजी डाटा में सुधार करने या उसे मिटाने का अधिकार मिलेगा। बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाले या लक्षित विज्ञापनों के लिए डाटा एकत्र करना गैरकानूनी होगा।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

सुखबीर बादल पर हमले की NIA करे जांच….पत्नी हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र

चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम और शिरामणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में हमले की अभी एटीएस जांच कर रही है लेकिन पंजाब के बठिंडा लोकसभा सदस्य...
article-image
पंजाब

भगवंत मान और आपदा वाली पंजाब सरकार के कुशासन का विकल्प सिर्फ भाजपा–निपुण शर्मा

भगवंत मान सरकार और विपक्षी दल कांग्रस के निजी हितों वाले फिक्स मैच ने पंजाब को नरक में झोंका । होशियारपुर/ दलजीत अजनोहा :  पंजाब की भगवंत मान सरकार के तीन साल पूरे होने...
article-image
पंजाब

‘आप’ सरकार के खिलाफ पीआरटीसी कर्मचारियों ने खोला मोर्चा : मुख्यमंत्री मान के आश्वासन देने के बावजूद भी पीआरटीसी कर्मचारियों को ड्यूटी पर नहीं किया बहाल

बरनाला, 17 मई । पंजाब रोडवेज ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (पीआरटीसी) के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर पंजाब की भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बरनाला बस स्टैंड के पास शनिवार...
article-image
पंजाब

होशियारपुर जिले में भूमिहीन किसानों व खेत मजदूरों की ऋण माफी शुरु, 46468 लाभार्थियों का 103.91 करोड़ रुपए का ऋण होगा माफ

होशियारपुर: पंजाब सरकार की ओर से सहकारी कृषि सभाओं के सदस्य भूमिहीन किसानों व खेत मजदूरों के ऋण माफ करने की मुख्य मंत्र कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से की शुरुआत के बाद उद्योग...
Translate »
error: Content is protected !!