पांगी घाटी में 33 केवी विद्युत लाइन परियोजना में गंभीर लापरवाही

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भरमौर-पांगी के विधायक डॉ. जनक राज ने विधानसभा में उठाया मुद्दा

नियम उल्लंघन एवं कार्य ठप होने के संबंध में तत्काल किया जाए हस्तक्षेप

एएम नाथ। चम्बा :  भरमौर-पांगी के विधायक डॉ. जनक राज ने बुधवार को विधानसभा में चंबा ज़िला की पांगी घाटी में प्रस्तावित 33 केवी विद्युत लाइन परियोजना प्रशासनिक लापरवाही, नियमों की अवहेलना तथा विभागों के बीच समुचित समन्वय के अभाव के कारण लंबे समय से ठप होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा इसके चलते क्षेत्र की जनता को भारी असुविधा एवं कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
डॉ. जनक राज ने कहा कि उक्त परियोजना को आवश्यक वन स्वीकृति (Forest Clearance) प्राप्त किए बिना आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया, जिसके परिणामस्वरूप कार्य को बीच में ही रोकना पड़ा। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक अक्षमता को दर्शाती है, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत करोड़ों रुपये की इस परियोजना पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है। इससे राज्य सरकार की कार्यप्रणाली एवं छवि भी प्रभावित होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि यदि इस परियोजना के लिए पूर्व में ही विभिन्न मदों के अंतर्गत वित्तीय स्वीकृतियाँ प्रदान की जा चुकी थीं, तो उसे नियमों के अनुरूप, समयबद्ध एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ क्रियान्वित करना राज्य सरकार एवं संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी बनती है। परियोजना के प्रारंभिक चरण में ही वन स्वीकृति जैसी अनिवार्य औपचारिकताओं को पूर्ण न करना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है।
डॉ. जनक राज ने कहा कि इस संदर्भ में मैं निम्नलिखित मांगें आपके समक्ष रखना आवश्यक समझता हूँ। इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय एवं स्वतंत्र जांच तत्काल करवाई जाए। जिन अधिकारियों/विभागों की लापरवाही या नियम उल्लंघन के कारण यह परियोजना बाधित हुई है, उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पांगी घाटी की दुर्गम भौगोलिक, सामाजिक एवं सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को विशेष प्राथमिकता प्रदान कर नियमों के अनुरूप शीघ्र पूर्ण करवाया जाए। सरकार द्वारा सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट किया जाए कि इस परियोजना में हुई देरी के लिए वास्तविक रूप से उत्तरदायी कौन है।
यदि इस गंभीर जनहित के विषय पर भी टालमटोल की नीति अपनाई जाती है, तो विवश होकर मुझे यह मुद्दा विधानसभा के पटल पर, जनता के बीच तथा आवश्यकता पड़ने पर संवैधानिक मंचों पर उठाना पड़ेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार एवं संबंधित प्रशासन की होगी।
डॉ. जनक राज ने कहा कि अतः आपसे विनम्र आग्रह है कि इस प्रकरण पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच, जवाबदेही तय करने तथा परियोजना को नियमों के अनुरूप शीघ्र पूर्ण करवाने हेतु आवश्यक एवं प्रभावी निर्देश जारी करने की कृपा करें।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप इस गंभीर विषय पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेते हुए जनहित में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

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