वर्षों का इंतजार खत्म, विस्थापित परिवारों को अपनी जमीन का अधिकार
विस्थापितों के सम्मान और पुनर्वास की दिशा में बड़ा कदम
एएम नाथ। शिमला : पौंग डैम से विस्थापित देहरा विधानसभा क्षेत्र के 42 परिवारों को भूमि आवंटन के पट्टे सौंपे गए हैं। राज्य सरकार के इस कदम से वर्षों से अपनी जमीन के अधिकार का इंतजार कर रहे परिवारों को बड़ी राहत मिली है। इससे पहले भी 89 विस्थापित परिवारों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। सरकार का कहना है कि सभी पात्र विस्थापित परिवारों को चरणबद्ध तरीके से भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पौंग डैम परियोजना के कारण अपनी जन्मभूमि से विस्थापित हुए परिवारों ने दशकों तक कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। उन्होंने कहा कि अपनी मिट्टी और घर-बार से बिछड़ने का दर्द केवल वही समझ सकता है जिसने इसे सहा हो। ऐसे में भूमि आवंटन केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि इन परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और नए जीवन की सशक्त शुरुआत का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विस्थापित परिवारों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र विस्थापित परिवार भूमिहीन न रहे और प्रत्येक परिवार को उसकी जमीन का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि विस्थापितों के पुनर्वास और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरकार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि भूमि आवंटन की यह प्रक्रिया भविष्य में भी जारी रहेगी और पात्र परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार विस्थापितों से जुड़े हर मुद्दे का समाधान करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। इस पहल से प्रभावित परिवारों में नई उम्मीद जगी है और उन्हें स्थायी पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण आधार प्राप्त हुआ है।
