बड़सर 21 जनवरी। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संचालित की जा रही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की कार्यवाहक समिति, विभाग की अन्य योजनाओं की ब्लॉक स्तरीय अनुश्रवण समिति और मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना समिति की बैठकें बुधवार को एसडीएम स्वाति डोगरा की अध्यक्षता में आयोजित की गईं।
इस अवसर पर एसडीएम ने कहा कि बालिकाएं देश के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति है। इनके अस्तित्व, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए समन्वित और अभिसरण प्रयासों की आवश्यकता है। इसलिए, शिक्षा, खेल और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली लड़कियों को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत पुरस्कृत किया जाता है। विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत आयोजित की जाने वाली अन्य गतिविधियों जैसे-बेटियों को जन्म देने वाली माताओं व दतक अविभावकों को सम्मानित करना, लिंगानुपात पर विशेष ग्राम सभा, कम लिंगानुपात वाली पंचायतों की पहचान कर वहां कैंपों का आयोजन करना, किशोरियों के स्वास्थ्य की जांच करना, किशोरों के लिए लैंगिक समानता और व्यवहार में परिर्वतन इत्यादि की भी बैठक में समीक्षा की गई।
विभागीय योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं को पोषाहार कार्यक्रम के अंतर्गत लाभ पहुंचाया जा रहा है। विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, विधवा पुनर्विवाह, महिला स्वयं रोजगार योजना और मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना से भी पात्र महिलाओं एवं बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। इस समीक्षा बैठक में खंड विकास अधिकारी, शिक्षा और अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
